गुणरत्न सदावर्ते ने की एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की मांग, प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में उठाए सवाल
महाराष्ट्र के चर्चित वकील गुणरत्न सदावर्ते ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पदाधिकारी प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की मांग की है। 15 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, सदावर्ते ने पूर्णेकर के परिजनों से मुलाकात करने के बाद मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ठाणे के पालकमंत्री होने के नाते एकनाथ शिंदे को इस मामले में अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट करनी चाहिए। इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हत्याकांड को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में सदावर्ते ने क्या कहा?
गुणरत्न सदावर्ते ने पूर्णेकर के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि मामले में कुछ लोगों के नाम सामने आने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की स्थिति क्या है। उन्होंने जांच की दिशा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
सदावर्ते का आरोप है कि मामले में राजनीतिक प्रभाव के कारण जांच प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने एकनाथ शिंदे से इस बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की और कहा कि यदि वे ठाणे के पालकमंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं, तो उन्हें इस मामले में जवाबदेही भी स्वीकार करनी चाहिए।
सदावर्ते ने इसी आधार पर शिंदे के इस्तीफे की मांग की। हालांकि, यह उनकी राजनीतिक और कानूनी टिप्पणी है। अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिसमें एकनाथ शिंदे को इस हत्या में शामिल या जांच को प्रभावित करने का दोषी ठहराया गया हो।
29 सितंबर को हुई थी प्रदीप पूर्णेकर की हत्या
प्रदीप पूर्णेकर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के विभाग प्रमुख थे। 29 सितंबर 2026 को ठाणे में उनके कार्यालय में घुसकर हमला किया गया, जिसमें उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने कथित तौर पर बंदूकों के साथ धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल किया था।
घटना के बाद पूर्णेकर के परिवार ने ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे की भूमिका पर संदेह जताया। परिवार की ओर से दोनों के नाम प्राथमिकी में शामिल करने की मांग भी की गई। इस मांग के बीच शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेताओं ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इन आरोपों के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और विशेष जांच दल गठित किया। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां हत्या की परिस्थितियों, आरोपियों के कथित संपर्कों और घटना के पीछे संभावित कारणों की जांच कर रही हैं।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की भूमिका और अन्य लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
राजेंद्र शिंदे से पूछताछ, जांच में आया नया मोड़
मामले में जांच के दौरान ठाणे पुलिस ने मीनाक्षी शिंदे के पति राजेंद्र शिंदे से भी पूछताछ की। 13 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, उनसे करीब आठ घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से भी पूछताछ की और उनके कथित संपर्कों की जांच की।
राजेंद्र शिंदे ने पूछताछ के दौरान हत्या से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया। पुलिस की ओर से पूछताछ किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सिद्ध हो गए हैं। मामले में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना बाकी है।
14 अक्टूबर को अदालत ने आरोपी नितेश पवार और निखिल यादव की पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों की हिरासत और पूछताछ भी जांच का हिस्सा रही है।
एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच राजनीतिक बयानबाजी
प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड ने महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना और उद्धव ठाकरे गुट के बीच राजनीतिक तनाव को भी बढ़ाया है। उद्धव ठाकरे ने पूर्णेकर के परिवार से मुलाकात कर न्याय की मांग की थी। उनके गुट के नेताओं ने सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले में कथित सूत्रधारों की पहचान करने की मांग उठाई है।
गुणरत्न सदावर्ते ने भी अब इस मामले में एकनाथ शिंदे की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है। उनकी इस्तीफे की मांग इसलिए चर्चा में है क्योंकि वे आमतौर पर मराठा आरक्षण आंदोलन और मनोज जरांगे पाटिल के मुद्दे पर अपने बयानों के लिए सुर्खियों में रहे हैं। इस मामले में उनका रुख हत्याकांड की जांच और राजनीतिक जिम्मेदारी पर केंद्रित है।
हालांकि, उनके बयान को एकनाथ शिंदे की दोषसिद्धि या जांच में हस्तक्षेप के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इस मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया अलग-अलग चल रही हैं।
गुणरत्न सदावर्ते कौन हैं?
गुणरत्न सदावर्ते महाराष्ट्र के वकील हैं और राज्य के श्रमिक, आरक्षण तथा सामाजिक-राजनीतिक विवादों में सक्रिय रहे हैं। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान भी वे व्यापक रूप से चर्चा में आए थे। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर उनका रुख मनोज जरांगे पाटिल और उनके समर्थकों की मांगों से अलग रहा है।
अक्टूबर 2026 में वे पुणे में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की परीक्षा से संबंधित छात्रों के आंदोलन पर भी बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि विद्यार्थियों पर किसी राजनीतिक दल या नेता को अपना अधिकार नहीं जताना चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए उनकी शिकायतों पर ध्यान देना जरूरी है।
कुल मिलाकर, प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में सदावर्ते की ताजा मांग ने मामले को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब आगे की जांच में जुटाए गए साक्ष्य, आरोपियों के बयान और पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल, मामले में सभी आरोपों को सिद्ध तथ्य मानने के बजाय जांच के अंतिम निष्कर्ष और अदालत के फैसले का इंतजार करना जरूरी है।

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