गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में ₹425 प्रति क्विंटल की दर से होगी खरीद, पिछली फसल का भी मिलेगा भुगतान

गन्ना किसानों के लिए छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने शक्कर कारखानों में गन्ने की खरीद दर बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद यह घोषणा की। खास बात यह है कि बढ़ी हुई दर का लाभ पेराई सत्र 2025-26 में खरीदे गए गन्ने के भुगतान पर भी लागू होगा।

इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपनी उपज का बेहतर मूल्य देने की मांग कर रहे थे। हालांकि, किसान संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसकी सभी मांगें पूरी नहीं हुई हैं और आंदोलन को फिलहाल स्थगित किया गया है।

गन्ने की खरीद दर बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चा में गन्ना उत्पादक किसानों के मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। इसके बाद शक्कर कारखानों के लिए गन्ने की खरीद दर 425 रुपये प्रति क्विंटल तय करने का निर्णय लिया गया।

सरकार की घोषणा के अनुसार, नई दर केवल आगे होने वाली खरीद तक सीमित नहीं रहेगी। पेराई सत्र 2025-26 में पहले से खरीदे गए गन्ने का भुगतान भी बढ़ी हुई दर के आधार पर किया जाएगा। इससे संबंधित किसानों को पिछली फसल के लिए भी अतिरिक्त भुगतान मिलने की उम्मीद है।

किसानों के आंदोलन के बीच आया फैसला

गन्ने की कीमत को लेकर कबीरधाम जिले में किसान आंदोलन कर रहे थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों ने 48 घंटे का आंदोलन चलाया था, जिसके दौरान कई प्रमुख सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इस आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

हालांकि, भारतीय किसान संघ ने कहा है कि आंदोलन पूरी तरह वापस नहीं लिया गया है। संगठन की अन्य मांगों में धान की बेहतर कीमत और बोनस से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मांगें पूरी नहीं होने पर 27 अक्टूबर को रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।

इसलिए गन्ने की दर में बढ़ोतरी को किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत जरूर माना जा रहा है, लेकिन राज्य में कृषि मूल्य और भुगतान से जुड़े सभी विवाद अभी समाप्त नहीं हुए हैं।

केंद्र सरकार ने कितना तय किया है गन्ने का FRP?

गन्ने की कीमतों को समझते समय केंद्र सरकार द्वारा तय उचित एवं लाभकारी मूल्य यानी Fair and Remunerative Price (FRP) को भी जानना जरूरी है। केंद्र सरकार ने चीनी सत्र 2026-27 के लिए 10.25 प्रतिशत की मूल चीनी रिकवरी दर पर गन्ने का FRP 365 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

यह दर केंद्र सरकार की ओर से तय राष्ट्रीय मूल्य है, जबकि छत्तीसगढ़ में घोषित 425 रुपये प्रति क्विंटल की खरीद दर राज्य की घोषणा से संबंधित है। दोनों आंकड़ों को एक जैसा नहीं समझना चाहिए, क्योंकि राज्य स्तर पर लागू खरीद दर और भुगतान की शर्तें अलग हो सकती हैं।

गन्ना किसानों की आय पर खरीद दर के अलावा उत्पादन लागत, मजदूरी, सिंचाई, खाद, मौसम और चीनी मिलों से समय पर भुगतान मिलने का भी असर पड़ता है।

कम बारिश से चीनी उत्पादन पर भी चिंता

गन्ना किसानों और चीनी उद्योग के सामने मौसम की चुनौती भी बनी हुई है। रॉयटर्स की 8 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कृषि विभाग ने भारत में 2026-27 के चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर 2.95 करोड़ मीट्रिक टन कर दिया है, जबकि पहले यह 3.36 करोड़ मीट्रिक टन अनुमानित था। रिपोर्ट में 2026 के दौरान बारिश की कमी और गन्ने में सुक्रोज की मात्रा घटने की आशंका को इसकी वजह बताया गया है।

यदि उत्पादन अनुमान में बताई गई गिरावट वास्तविक उत्पादन में भी दिखाई देती है, तो इसका असर चीनी की उपलब्धता, कीमतों और मिलों की कार्ययोजना पर पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम स्थिति वास्तविक फसल, मौसम और पेराई के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में गन्ने की खरीद दर 425 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बढ़ी हुई दर के अनुसार भुगतान कितनी जल्दी होता है और किसानों की बाकी मांगों पर सरकार क्या कदम उठाती है।

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द्वारा Kanchan

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