रुषिकुल्या नदी में बाढ़ जैसे हालात, चक्रवात अर्नब कमजोर; जानें कल का मौसम अपडेट
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब का प्रभाव पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। ओडिशा के गंजाम जिले में रुषिकुल्या नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इससे कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और कुछ सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर, रायपुर में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी है। कोलकाता में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जबकि कानपुर में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है।
रुषिकुल्या नदी के पास बाढ़ जैसे हालात, कई गांव प्रभावित
ओडिशा के गंजाम जिले में लगातार बारिश से रुषिकुल्या नदी का जलस्तर बढ़ गया है। 29 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, पुरुषोत्तमपुर में नदी का जलस्तर 17.500 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 16.835 मीटर है। यानी पानी खतरे के निशान से लगभग 0.665 मीटर ऊपर पहुंच गया है।
इसका असर आसपास के निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। सोरड़ा क्षेत्र के पालाकाटु, नुआगांव, ताताबली और सुरमनी गांवों में पानी भरने की खबर है।
टंकाछाई और हिन्जिलिकट को जोड़ने वाली सड़क के कुछ हिस्सों पर लगभग तीन फीट पानी जमा होने से आवागमन बाधित हुआ है।
घोड़ाहाड़ा नदी का जलस्तर बढ़ने से सनाखेमुंडी और दिगपहांडी क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर हुई है। पालासपुर के पास पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण दिगपहांडी-अस्का मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।
प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू किया है। लोगों को उफनती नदियों और जलमग्न सड़कों को पार नहीं करने की सलाह दी गई है।
चक्रवात अर्नब का लैंडफॉल कब हुआ? IMD की ताजा जानकारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच के तटीय क्षेत्र में दस्तक दी थी। इस दौरान इसकी अधिकतम निरंतर हवा की गति लगभग 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचे थे।
तट से टकराने के बाद इसकी तीव्रता घटने लगी। 28 अक्टूबर की देर रात तक यह गहरे अवदाब में कमजोर हो गया। 29 अक्टूबर की उपलब्ध मौसम जानकारी में इसके और कमजोर होकर अवदाब तथा बाद में कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने का अनुमान जताया गया। इसके बावजूद ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का असर बना रह सकता है।
रायपुर में आज बारिश, कल भी गरज-चमक की संभावना
रायपुर का मौसम 29 अक्टूबर को बादलों और बारिश से प्रभावित रहा। आईएमडी के अनुसार, सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में रायपुर-लालपुर में 37 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। विभाग ने आज गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी है।
30 अक्टूबर को रायपुर में सामान्यतः बादल छाए रहने तथा एक या दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
न्यूनतम तापमान लगभग 21 डिग्री और अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए खुले स्थानों में सावधानी बरतना जरूरी है।
कानपुर में कल कैसा रहेगा मौसम?
कानपुर के मौसम को लेकर आईएमडी के 29 अक्टूबर के पूर्वानुमान के अनुसार, 30 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। न्यूनतम तापमान लगभग 18 डिग्री और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस पूर्वानुमान में किसी विशेष मौसम चेतावनी का उल्लेख नहीं है।
कोलकाता में आज और कल बारिश होगी या नहीं?
कोलकाता का मौसम चक्रवात अर्नब के बाहरी प्रभाव से प्रभावित है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को बादल छाए रहने और बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 30 अक्टूबर को हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 31 अक्टूबर से बारिश की तीव्रता कम होने और मौसम में धीरे-धीरे सुधार आने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बारिश में बदलाव हो सकता है।
मौसम विभाग की सलाह: किन बातों का रखें ध्यान?
बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नदी-नालों के आसपास जाने से बचें। जलमग्न पुलों और सड़कों से गुजरने का जोखिम न लें। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। यात्रा से पहले स्थानीय मौसम चेतावनियां और प्रशासन के निर्देश देख लें।
निष्कर्ष: 29 अक्टूबर को ओडिशा के गंजाम जिले में बाढ़ जैसे हालात सबसे गंभीर चिंताओं में शामिल हैं। चक्रवात अर्नब कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन उसके बाद भी बारिश का असर बना हुआ है। 30 अक्टूबर को रायपुर में बारिश और बिजली गिरने की आशंका है, कानपुर में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं तथा कोलकाता में हल्की बारिश की संभावना है। मौसम संबंधी किसी भी नए बदलाव के लिए आईएमडी की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

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