इज़राइल चुनाव नतीजे 2026: नेतन्याहू या गादी आइज़ेनकोट, किसे मिली बढ़त? चुनाव में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं
इज़राइल के आम चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। 27 अक्टूबर 2026 को हुए मतदान के बाद 28 अक्टूबर को जारी आंशिक मतगणना में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे रहा, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से पीछे है। विपक्षी नेता गादी आइज़ेनकोट के नेतृत्व वाला गठबंधन भी स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाया है।
मतगणना के लगभग 85.6 प्रतिशत हिस्से के आधार पर उपलब्ध आंकड़ों में नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें, आइज़ेनकोट के गठबंधन को 48 सीटें और अरब दलों को 19 सीटें मिलने का अनुमान था। इज़राइल की संसद, जिसे नेसेट कहा जाता है, में कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है। इसलिए अभी किसी भी पक्ष को अंतिम विजेता घोषित करना जल्दबाजी होगी।
किसे कितनी सीटें मिलीं?
28 अक्टूबर को सामने आए आंशिक परिणामों के अनुसार प्रमुख राजनीतिक खेमों की स्थिति इस प्रकार रही:
| राजनीतिक खेमा | अनुमानित सीटें |
|---|---|
| बेंजामिन नेतन्याहू का गठबंधन | 53 |
| गादी आइज़ेनकोट का विपक्षी गठबंधन | 48 |
| अरब दल | 19 |
| बहुमत के लिए आवश्यक सीटें | 61 |
ये अंतिम नतीजे नहीं हैं। सामान्य मतपत्रों की गिनती का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बाद भी सैनिकों, विदेशों में तैनात अधिकारियों और अन्य पात्र मतदाताओं के दोहरे लिफाफे वाले लगभग छह लाख मतों की गिनती बाकी थी। अंतिम परिणाम आने पर सीटों के आंकड़े बदल सकते हैं।
क्या बेंजामिन नेतन्याहू चुनाव जीत गए?
बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी पार्टियों में आगे रही और उनका गठबंधन भी आंशिक मतगणना में बढ़त पर था। हालांकि, 53 सीटों का अनुमान बहुमत के 61 के आंकड़े से कम है।
इसका अर्थ है कि नेतन्याहू को सरकार बनाने के लिए दूसरे दलों का समर्थन जुटाना पड़ेगा।
वह फिलहाल कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे, जब तक नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
अंतिम चुनावी परिणाम और नई सरकार का गठन दो अलग-अलग चरण हैं।
गादी आइज़ेनकोट कौन हैं और विपक्ष के सामने क्या चुनौती है?
गादी आइज़ेनकोट इज़राइल के पूर्व सैन्य प्रमुख हैं और याशार पार्टी का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने नेतन्याहू के नेतृत्व को चुनौती देते हुए राजनीतिक बदलाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया था।
चुनाव के बाद आइज़ेनकोट ने कहा कि मतदाताओं ने नेतन्याहू के नेतृत्व को लेकर अपना संदेश दिया है। लेकिन उनके गठबंधन को भी अकेले बहुमत नहीं मिला। विपक्षी खेमे के सामने सरकार बनाने के लिए अन्य दलों का समर्थन हासिल करने की चुनौती है।
अरब दलों को मिली अनुमानित 19 सीटें इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकती हैं। हालांकि, नेतन्याहू और विपक्ष के प्रमुख नेताओं की राजनीतिक शर्तों के कारण सरकार गठन की बातचीत जटिल हो सकती है।
अंतिम परिणाम कब आएंगे?
मतदान 27 अक्टूबर को हुआ और मतगणना 28 अक्टूबर को जारी रही। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अतिरिक्त मतपत्रों की गिनती के कारण अंतिम परिणाम आने में और समय लग सकता है। समाचार एजेंसियों ने अंतिम आंकड़ों की पुष्टि 29 अक्टूबर तक होने की संभावना जताई थी।
इज़राइल में मतदाता सीधे प्रधानमंत्री नहीं चुनते, बल्कि संसद के लिए राजनीतिक दलों को वोट देते हैं। इसके बाद संसद में बहुमत का समर्थन जुटाने वाला पक्ष सरकार बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाता है।
इज़राइल चुनाव का परिणाम क्यों महत्वपूर्ण है?
यह चुनाव अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद इज़राइल में हुआ पहला आम चुनाव था। सुरक्षा नीति, गाजा युद्ध, नेतन्याहू के नेतृत्व और देश की आंतरिक राजनीति को लेकर मतदाताओं में गहरी बहस रही।
मतदान में लगभग 77.7 प्रतिशत भागीदारी दर्ज की गई, जो दो दशक से अधिक समय में सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है। अरब दलों का मजबूत प्रदर्शन भी चुनाव का अहम पहलू रहा।
फिलहाल मुख्य सवाल यह है कि अंतिम मतगणना के बाद किस दल या गठबंधन के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त समर्थन होगा। जब तक आधिकारिक अंतिम नतीजे घोषित नहीं होते, इज़राइल चुनाव 2026 को स्पष्ट बहुमत वाली जीत के बजाय त्रिशंकु संसद की स्थिति के रूप में देखना अधिक उचित है।

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