आर्यवीर सहवाग ने 143 गेंदों में ठोके 173 रन, फिर भी हारी दिल्ली; चंडीगढ़ ने 5 विकेट से जीता मैच
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने 16 अक्टूबर 2026 को वीनू मांकड़ ट्रॉफी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 173 रन की पारी खेली। दिल्ली अंडर-19 टीम के कप्तान आर्यवीर ने चंडीगढ़ अंडर-19 के खिलाफ 143 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और 8 छक्के लगाए। उनकी पारी की बदौलत दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 289 रन बनाए। हालांकि, आर्यवीर की यह बड़ी पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। चंडीगढ़ ने रूपेश यादव के 167 रन की मदद से लक्ष्य 41.3 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया और मुकाबला पांच विकेट से जीत लिया।
Aryavir Sehwag की पारी में चौके-छक्कों की बरसात
दिल्ली की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे आर्यवीर ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने 143 गेंदों में 173 रन बनाए। उनकी पारी में 19 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। इस तरह उन्होंने 124 रन केवल बाउंड्री से जुटाए।
आर्यवीर ने सलामी जोड़ीदार अर्णव बुग्गा के साथ पहले विकेट के लिए 98 रन की साझेदारी की। अर्णव ने 39 गेंदों पर 47 रन बनाए। हालांकि, शुरुआती साझेदारी के बाद दिल्ली के दूसरे बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं रहे। आर्यवीर की पारी के बावजूद टीम 300 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।
रूपेश यादव की पारी ने पलट दिया मुकाबला
दिल्ली के 290 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चंडीगढ़ की टीम ने मजबूत बल्लेबाजी की। सलामी बल्लेबाज रूपेश यादव ने 125 गेंदों में 167 रन बनाए, जिसमें 23 चौके और 5 छक्के शामिल थे। उनके साथ मीत दहिया ने 69 गेंदों में 63 रन का योगदान दिया।
दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 175 रन की साझेदारी हुई। इस शुरुआत ने चंडीगढ़ को लक्ष्य हासिल करने की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। टीम ने 41.3 ओवर में 293 रन बनाकर पांच विकेट से मैच जीत लिया।
इस तरह एक ही मुकाबले में आर्यवीर और रूपेश यादव के बीच शतकीय पारियों का मुकाबला देखने को मिला। आर्यवीर की 173 रन की पारी व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से प्रभावशाली रही, लेकिन चंडीगढ़ की टीम लक्ष्य का पीछा करने में अधिक सफल रही।
दिल्ली अंडर-19 की कप्तानी भी संभाल रहे हैं आर्यवीर
आर्यवीर सहवाग को अक्टूबर 2026 में वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए दिल्ली अंडर-19 टीम का कप्तान बनाया गया था। 18 वर्षीय बल्लेबाज इससे पहले भारत की अंडर-19 टीम के लिए भी खेल चुके हैं। सितंबर में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ तीन मैचों की युवा एकदिवसीय सीरीज में उन्होंने 109 रन बनाए थे।
दिल्ली टीम की कप्तानी और भारत की जूनियर टीम में जगह मिलने के बाद आर्यवीर के प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर है। उनके पिता वीरेंद्र सहवाग अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे। हालांकि, आर्यवीर के लिए अपनी अलग पहचान बनाना और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण होगा।
आगे आर्यवीर के प्रदर्शन पर रहेगी नजर
चंडीगढ़ के खिलाफ यह पारी आर्यवीर की बल्लेबाजी क्षमता का एक उल्लेखनीय उदाहरण है, लेकिन मैच के नतीजे ने यह भी दिखाया कि क्रिकेट में व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ पूरी टीम का योगदान जरूरी होता है। दिल्ली के लिए गेंदबाजी और लक्ष्य का बचाव करना इस मुकाबले में चुनौतीपूर्ण रहा।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी के आगामी मैचों में आर्यवीर और दिल्ली की टीम के प्रदर्शन पर नजर रहेगी। उनके लिए अब इस बड़ी पारी को निरंतरता में बदलना और टीम को जीत दिलाने में योगदान देना अहम होगा।

[…] […]