वत्सला राजगोपाल: 93 साल की उम्र में  निधन, 60 वर्ष की उम्र में ‘रोजा’ से किया था फिल्मी डेब्यू

तमिल सिनेमा और टेलीविजन की वरिष्ठ अभिनेत्री वत्सला राजगोपाल (Vatsala Rajagopal) का 30 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में निधन हो गया। वह 93 वर्ष की थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, उम्र संबंधी बीमारियों के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से दक्षिण भारतीय मनोरंजन जगत में शोक की लहर है। वह ‘रोजा’, ‘अनियन’, ‘सती लीलावती’ और ‘मोझी’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जानी जाती थीं।

वेटरन तमिल एक्ट्रेस Vatsala Rajagopal का 93 की उम्र में निधन, 400 फिल्मों में नजर आई थीं एक्ट्रेस - vatsala rajagopal dies veteran tamil actress passes away at the age of 93

वत्सला राजगोपाल की सबसे खास बात यह थी कि उन्होंने लगभग 60 वर्ष की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा और इसके बाद अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। फिल्मों के अलावा उन्होंने रंगमंच और टेलीविजन पर भी दशकों तक काम किया।

वत्सला राजगोपाल: 93 वर्ष की उम्र में चेन्नई में हुआ निधन

वत्सला राजगोपाल का निधन शुक्रवार, 30 अक्टूबर को चेन्नई में हुआ। वह चेन्नई के पल्लावरम इलाके में रहती थीं। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया था।

उनके निधन की खबर सामने आने के बाद तमिल मनोरंजन जगत के प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। हालांकि, परिवार की ओर से निधन के संबंध में विस्तृत सार्वजनिक बयान की जानकारी सामने नहीं आई है।

वत्सला राजगोपाल की फिल्में: 60 साल की उम्र में ‘रोजा’ से शुरू हुआ फिल्मी सफर

वत्सला राजगोपाल का जन्म और पालन-पोषण केरल के तिरुवनंतपुरम में हुआ था। बचपन से ही उन्हें नृत्य और रंगमंच में रुचि थी। शादी के बाद वर्ष 1953 में वह चेन्नई आ गईं और अकाउंटेंट जनरल के कार्यालय में क्लर्क के रूप में काम करने लगीं।

इस कार्यालय से उनका एक दिलचस्प जुड़ाव प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक के. बालाचंदर से भी था। उस समय बालाचंदर इसी कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

अनुभवी तमिल अभिनेता वत्सला राजगोपाल का 93 वर्ष की उम्र में चेन्नई में निधन - इंडिया टुडे

बाद में वत्सला की मुलाकात कार्टूनिस्ट श्रीधरन द्वारा संचालित नाट्य समूह ‘रसिका रंगा’ से हुई और उन्होंने रंगमंच पर अभिनय शुरू किया। उन्होंने अपने करियर में 450 से अधिक नाटकों में मंच पर प्रस्तुति दी।

उनके अभिनय से प्रभावित होकर निर्देशक मणिरत्नम ने उन्हें वर्ष 1992 की फिल्म ‘रोजा’ में काम करने का अवसर दिया। अरविंद स्वामी और मधु अभिनीत इस फिल्म में वत्सला ने मधु की दादी का किरदार निभाया था। लगभग 60 वर्ष की उम्र में मिला यह अवसर उनके फिल्मी करियर की शुरुआत बना।

तमिल अभिनेत्री वत्सला राजगोपाल का 93 वर्ष की उम्र में चेन्नई में निधन

‘सती लीलावती’ और ‘अनियन’ में निभाए यादगार किरदार

‘रोजा’ के बाद वत्सला राजगोपाल ने कई लोकप्रिय तमिल फिल्मों में काम किया। वर्ष 1995 में आई ‘सती लीलावती’ में उन्होंने अंबुजम मामी का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने पसंद किया।

उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं:

  • रोजा (1992): मधु की दादी का किरदार।
  • सती लीलावती (1995): अंबुजम मामी की भूमिका।
  • रिदम (2000): महत्वपूर्ण पारिवारिक किरदार।
  • विनर (2003): नीलावेनी की दादी।
  • अनियन (2005): नायक की दादी का किरदार।
  • पट्टियाल (2006): संध्या की दादी।
  • मोझी (2007): अर्चना की दादी।
  • धाम धूम (2008): सहायक भूमिका।
  • अधूर्स (2010): तेलुगु फिल्म में भी अभिनय किया।

उनकी पहचान खासतौर पर स्नेही, मजाकिया और पारिवारिक दादी के किरदारों के लिए बनी।

वत्सला राजगोपाल टीवी सीरियल: फिल्मों के साथ टीवी पर भी बनाई पहचान

वत्सला राजगोपाल केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहीं। तमिल टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिकों में भी उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

उन्होंने ‘चित्थी’, ‘आनंदम’, ‘मुंधनाई मुडिचु’ और ‘वसंतम’ जैसे धारावाहिकों में काम किया। इसके अलावा उन्होंने प्रसिद्ध फिल्मकार बालू महेंद्र के टेलीविजन कार्यक्रम ‘कधई नेरम’ में भी अभिनय किया।

उनका करियर रंगमंच, फिल्मों और टेलीविजन तीनों माध्यमों तक फैला रहा। खास बात यह रही कि उन्होंने जीवन के अपेक्षाकृत बाद के चरण में फिल्मों में शुरुआत करने के बावजूद अपनी अलग पहचान बनाई।

वत्सला राजगोपाल का निधन तमिल मनोरंजन जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके सहज अभिनय, पारिवारिक किरदारों और रंगमंच के प्रति समर्पण को दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे।

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By Kanchan

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