संजय दत्त से क्यों टूटी थी राजीव राय की दोस्ती? 41 साल पुराना किस्सा याद कर निर्देशक ने जताया अफसोस
बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त और फिल्म निर्देशक राजीव राय की दोस्ती से जुड़ा 41 साल पुराना किस्सा एक बार फिर चर्चा में है। निर्देशक राजीव राय ने खुलासा किया है कि वर्ष 1985 की फिल्म ‘युद्ध’ में संजय दत्त को हटाकर जैकी श्रॉफ को लेने का फैसला उनकी पुरानी दोस्ती पर भारी पड़ा था। राय ने स्वीकार किया कि वह इस फैसले से खुश नहीं थे और आज भी कभी-कभी सोचते हैं कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।
28 अक्टूबर 2026 को सामने आई इस खबर में राजीव राय ने बताया कि संजय दत्त उस समय निजी परेशानियों से गुजर रहे थे, जिसके कारण उनके साथ फिल्म पूरी करना मुश्किल हो गया था। फिल्म की शूटिंग और निर्माण से जुड़ी परिस्थितियों के बीच उन्हें कलाकार बदलने का फैसला लेना पड़ा। लेकिन इस पेशेवर फैसले का असर उनके व्यक्तिगत रिश्ते पर भी पड़ा।
संजय दत्त की जगह जैकी श्रॉफ को क्यों लिया गया?
राजीव राय ने अभिनेता संजय दत्त को अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘युद्ध’ में एक अहम भूमिका के लिए चुना था। हालांकि, संजय दत्त की निजी परिस्थितियों के कारण फिल्म उनके साथ पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद उनकी जगह जैकी श्रॉफ को लिया गया।
राजीव राय ने बातचीत में बताया कि संजय दत्त उस समय व्यक्तिगत मुश्किलों से गुजर रहे थे। ऐसे में फिल्म को आगे बढ़ाने के लिए कलाकार बदलने का फैसला करना पड़ा। निर्देशक के अनुसार, यह निर्णय उनके लिए भी आसान नहीं था, क्योंकि संजय दत्त केवल उनके सह-कलाकार नहीं, बल्कि करीबी दोस्त थे।
फिल्म दोबारा शूट करनी पड़ी, अनिल कपूर की भूमिका भी बदली
राजीव राय के मुताबिक, संजय दत्त के फिल्म से अलग होने के बाद निर्माण में बड़े बदलाव करने पड़े। उन्होंने बताया कि लगभग पूरी फिल्म दोबारा शूट करनी पड़ी और पुराने काम का केवल 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा ही बचा था। इस प्रक्रिया में अनिल कपूर की भूमिका से जुड़ी कास्टिंग में भी बदलाव हुआ।
वर्ष 1985 में रिलीज हुई ‘युद्ध’ राजीव राय के निर्देशन की पहली फिल्म थी। इसमें जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, टीना मुनीम, नूतन, डैनी डेंगजोंगपा और हेमा मालिनी जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म के निर्माण में हुए बदलावों ने इसके पीछे की कहानी को भी खास बना दिया।
राजीव राय ने दोस्ती टूटने पर क्या कहा?
राजीव राय ने स्वीकार किया कि संजय दत्त के साथ पहले जैसा करीबी रिश्ता अब नहीं रहा। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच कभी-कभार संपर्क जरूर हुआ, लेकिन पुरानी गहरी दोस्ती टूट गई।
निर्देशक ने यह भी कहा कि वह उस समय यह फैसला लेते हुए खुश नहीं थे। आज पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें कभी-कभी लगता है कि उन्हें संजय दत्त को फिल्म से नहीं हटाना चाहिए था।
हालांकि, इस घटना का असर दोनों परिवारों के रिश्तों पर उसी तरह नहीं पड़ा। राजीव राय के पिता गुलशन राय और संजय दत्त के पिता सुनील दत्त पुराने मित्र थे। गुलशन राय ने संजय दत्त की पहली फिल्म ‘रॉकी’ का निर्माण भी किया था, जिसका निर्देशन सुनील दत्त ने किया था। राजीव राय के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच संबंध बने रहे।
संजय दत्त और राजीव राय की कहानी क्यों चर्चा में है?
यह किस्सा बॉलीवुड में निजी रिश्तों और पेशेवर फैसलों के बीच के तनाव को सामने लाता है। फिल्म निर्माण में कभी-कभी परिस्थितियों के कारण कलाकार बदलने पड़ते हैं, लेकिन ऐसे फैसलों का असर व्यक्तिगत संबंधों पर भी पड़ सकता है।
संजय दत्त ने अपने लंबे करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। वहीं, राजीव राय ने ‘त्रिदेव’, ‘विश्वात्मा’ और ‘मोहरा’ जैसी फिल्मों से हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘युद्ध’ से जुड़ा यह पुराना प्रसंग अब इसलिए चर्चा में है, क्योंकि निर्देशक ने पहली बार इतने स्पष्ट रूप से उस फैसले और उसके व्यक्तिगत परिणामों पर पछतावा जाहिर किया है।

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