एक टिकट पर 2 लोग कर सकते हैं ट्रेन में सफर? जानें कब टीटीई काटेगा चालान और कितना लगेगा जुर्माना
ट्रेन में सफर करने से पहले कई यात्रियों के मन में सवाल रहता है कि क्या एक टिकट पर दो लोग यात्रा कर सकते हैं? क्या एक ही आरक्षण टिकट पर दो यात्री बैठ सकते हैं या टिकट जांचने वाला कर्मचारी जुर्माना लगा सकता है? इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि टिकट किस प्रकार का है और उसमें कितने यात्रियों का विवरण दर्ज है। भारतीय रेलवे में एक ही टिकट या पीएनआर पर एक से अधिक यात्रियों की बुकिंग की अनुमति है, लेकिन किसी एक व्यक्ति के नाम पर जारी आरक्षित टिकट के आधार पर दूसरे व्यक्ति को अपने साथ यात्रा करने का अधिकार नहीं मिल जाता।
क्या एक टिकट पर दो लोग ट्रेन में सफर कर सकते हैं?
हां, एक टिकट पर दो या उससे अधिक लोग यात्रा कर सकते हैं, बशर्ते टिकट उन सभी यात्रियों के लिए जारी किया गया हो। उदाहरण के लिए, आरक्षित टिकट बुक करते समय एक ही पीएनआर पर दो लोगों के नाम, यात्रा का विवरण और बुकिंग की स्थिति दर्ज हो सकती है। ऐसी स्थिति में दोनों यात्री निर्धारित नियमों के अनुसार सफर कर सकते हैं।
भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग व्यवस्था में सामान्य आरक्षण के लिए एक टिकट पर अधिकतम छह यात्रियों और तत्काल आरक्षण में अधिकतम चार यात्रियों की बुकिंग की अनुमति है।
लेकिन अगर किसी व्यक्ति के पास केवल उसके अपने नाम का आरक्षित टिकट है और वह उसी टिकट पर दूसरे वयस्क को भी यात्रा कराता है, तो यह नियमों के अनुरूप नहीं है। एक व्यक्ति की सीट या बर्थ अपने आप दूसरे यात्री के लिए मान्य नहीं हो जाती।
जनरल टिकट पर क्या है नियम?
अनारक्षित यानी जनरल टिकट के मामले में भी यही मूल नियम लागू होता है कि टिकट में यात्रियों की सही संख्या के हिसाब से किराया लिया गया हो।
यदि रेलवे काउंटर से दो लोगों के लिए टिकट जारी कराया गया है और टिकट पर दोनों यात्रियों की यात्रा का प्रावधान है, तो दोनों यात्रा कर सकते हैं। लेकिन अगर टिकट केवल एक व्यक्ति के लिए जारी हुआ है, तो दूसरे यात्री को अलग वैध टिकट लेना होगा।
इसलिए यात्रा से पहले टिकट पर दर्ज यात्रियों की संख्या और यात्रा से संबंधित विवरण की जांच करना जरूरी है।
टीटीई पकड़े तो कितना जुर्माना लगेगा?
यदि कोई व्यक्ति बिना वैध टिकट के ट्रेन में यात्रा करता पाया जाता है, तो रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 138 के तहत उससे किराया और अतिरिक्त शुल्क वसूला जा सकता है।
नियमों के अनुसार, अतिरिक्त शुल्क की राशि संबंधित किराये के बराबर या 250 रुपये, इनमें से जो अधिक हो, हो सकती है। इसके अलावा यात्रा का सामान्य किराया भी देय होता है। वास्तविक राशि यात्रा की दूरी, टिकट की स्थिति और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।
उदाहरण के लिए, यदि किसी अतिरिक्त यात्री के पास वैध टिकट नहीं है, तो केवल दूसरे यात्री का टिकट दिखाना पर्याप्त नहीं होगा। टिकट जांचने वाला कर्मचारी नियमों के अनुसार उससे किराया और अतिरिक्त शुल्क मांग सकता है। बिना टिकट यात्रा करने पर सीट या बर्थ मिलने की भी गारंटी नहीं होती।
क्या दूसरे व्यक्ति के नाम का टिकट इस्तेमाल कर सकते हैं?
आरक्षित टिकट किसी दूसरे व्यक्ति को मनमाने ढंग से देकर यात्रा नहीं कराई जा सकती। रेलवे के नियमों के अनुसार, टिकट पर दर्ज यात्री ही उस आरक्षण का लाभ ले सकता है। कुछ निर्धारित परिस्थितियों में रेलवे आरक्षण कार्यालय से नाम बदलने की अनुमति मिल सकती है, लेकिन इसके लिए लागू शर्तों का पालन करना जरूरी है।
केवल परिचित या परिवार का सदस्य होने से किसी दूसरे व्यक्ति के आरक्षित टिकट पर यात्रा करने की स्वतः अनुमति नहीं मिल जाती।
ट्रेन में जुर्माने से कैसे बचें?
यात्रा से पहले यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक यात्री के पास वैध टिकट हो या उसका नाम एक ही टिकट पर सही ढंग से दर्ज हो। आरक्षित यात्रा में टिकट की पुष्टि की स्थिति और पहचान-पत्र संबंधी नियमों का पालन करें। यदि अतिरिक्त यात्री साथ जा रहा है, तो उसके लिए अलग टिकट या उचित आरक्षण की व्यवस्था करें।
निष्कर्ष: एक ही टिकट पर दो लोगों का यात्रा करना तभी वैध है, जब वह टिकट दोनों यात्रियों के लिए जारी किया गया हो। एक व्यक्ति के टिकट पर दूसरे व्यक्ति को बिना वैध अनुमति यात्रा कराने पर टीटीई किराया और अतिरिक्त शुल्क वसूल सकता है।

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