Finance With Harish के वी. हरीश की मौत, पिता ने साइबर उत्पीड़न का आरोप लगाया; पुलिस जांच जारी
वित्त और शेयर बाजार से जुड़े वीडियो बनाकर लोकप्रिय हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वी. हरीश की मौत के बाद ऑनलाइन उत्पीड़न और निवेश संबंधी सलाह देने के लिए जरूरी पंजीकरण को लेकर विवाद गहरा गया है। 27 वर्षीय हरीश पुडुचेरी के रहने वाले थे और यूट्यूब तथा इंस्टाग्राम पर वित्तीय विषयों से जुड़ी सामग्री साझा करते थे। चेन्नई के पास मुत्तुकाडु क्षेत्र में सोमवार रात, 19 अक्टूबर को उनका शव मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। उनके पिता ने एक अन्य सोशल मीडिया क्रिएटर पर ऑनलाइन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जबकि संबंधित क्रिएटर ने इन आरोपों से इनकार किया है।
कौन थे Finance With Harish के वी. हरीश?
वी. हरीश पिछले करीब पांच वर्षों से वित्तीय साक्षरता, शेयर बाजार और निवेश जैसे विषयों पर वीडियो बना रहे थे। उनका ‘Finance With Harish’ नाम से यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पर खाता था। उनकी सामग्री के जरिए बड़ी संख्या में लोग उनसे जुड़े थे। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इंस्टाग्राम पर उनके करीब 13 लाख फॉलोअर्स थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर में उनके पुराने सोशल मीडिया खाते बंद हो गए थे। इसके बाद उन्होंने नए खाते और चैनल के माध्यम से सामग्री साझा करने की कोशिश की, लेकिन वे भी कथित तौर पर बंद कर दिए गए। इन खातों के बंद होने की परिस्थितियां और इसके पीछे की वजहें अब विवाद का हिस्सा हैं।
क्या है साइबर उत्पीड़न का मामला?
हरीश के पिता जे. विनयगम ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उनके बेटे को सोशल मीडिया पर लगातार निशाना बनाया जा रहा था। शिकायत में एक अन्य सोशल मीडिया क्रिएटर जेसन सैमुअल का नाम लिया गया है। पिता का आरोप है कि हरीश के खिलाफ पोस्ट और वीडियो के कारण उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा।
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मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हरीश ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर इस विवाद का जिक्र किया था। उनके पिता ने जांच में वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को शामिल करने की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों के आधार पर अभी यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि ऑनलाइन विवाद ही उनकी मौत का कारण था। पुलिस को शिकायत, संबंधित वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच करके घटनाक्रम स्पष्ट करना है।
जेसन सैमुअल ने क्या कहा?
जेसन सैमुअल ने सोशल मीडिया पर हरीश की मौत पर दुख जताते हुए साइबर उत्पीड़न के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि उन्होंने हरीश की निवेश संबंधी सलाह देने की पात्रता और पंजीकरण पर सवाल उठाए थे।
रिपोर्टों के अनुसार, सैमुअल ने 17-18 अक्टूबर के आसपास साझा किए गए वीडियो में आरोप लगाया था कि हरीश आवश्यक पंजीकरण के बिना व्यक्तिगत निवेश संबंधी सलाह दे रहे थे और अपनी योग्यता या पंजीकरण को लेकर भ्रामक जानकारी दे रहे थे। ये सैमुअल के आरोप हैं, जिनकी सत्यता का निर्धारण संबंधित साक्ष्यों और नियामकीय जानकारी की जांच से ही हो सकता है।
निवेश सलाह और पंजीकरण को लेकर क्या हैं नियम?
इस मामले ने सोशल मीडिया पर वित्तीय सलाह देने वालों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के तहत पात्र निवेश सलाहकारों को व्यक्तिगत निवेश सलाह देने के लिए निर्धारित पंजीकरण और अन्य शर्तों का पालन करना होता है।
हालांकि, सामान्य वित्तीय शिक्षा से जुड़ी सामग्री और किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति के आधार पर दी जाने वाली व्यक्तिगत निवेश सलाह एक जैसी नहीं हैं। इसी तरह, म्यूचुअल फंड वितरक के लिए मिलने वाला एएमएफआई पंजीकरण नंबर (एआरएन) और सेबी का पंजीकृत निवेश सलाहकार प्रमाणपत्र अलग-अलग हैं। इसलिए किसी क्रिएटर पर लगाए गए आरोपों का आकलन उसकी वास्तविक सेवाओं, दावों और संबंधित नियमों के आधार पर होना चाहिए।
पुलिस जांच में अब क्या होगा?
कनथुर पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है और दोनों पक्षों से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से साइबर उत्पीड़न और हरीश की मौत के बीच किसी निर्णायक संबंध की पुष्टि नहीं होती है।
इस घटना ने डिजिटल मंचों पर सार्वजनिक आलोचना, व्यक्तिगत आरोपों और वित्तीय सामग्री बनाने वालों की जवाबदेही को लेकर गंभीर चर्चा छेड़ दी है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।

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