साहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड IPO: आज आखिरी दिन, ₹344 है इश्यू प्राइस, जानें सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग की तारीख
साहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का आईपीओ 19 अक्टूबर 2026 को बोली लगाने के तीसरे और आखिरी दिन में पहुंच गया है। कंपनी ने इस इश्यू के लिए 327 रुपये से 344 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। लगभग 475.48 करोड़ रुपये का यह आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (OFS) है। यानी इसमें मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेच रहे हैं और कंपनी को इस इश्यू से सीधे नई पूंजी नहीं मिलेगी।
चिकित्सा उपकरण बनाने वाली इस कंपनी के आईपीओ में निवेशकों की दिलचस्पी के साथ इसके वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन और जोखिम पर भी नजर रखी जा रही है। आईपीओ के लिए आवेदन करने से पहले इसकी प्रमुख जानकारियां समझना जरूरी है।
साहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड IPO की तारीख और कीमत
इस आईपीओ की सदस्यता प्रक्रिया 15 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई थी और 19 अक्टूबर को बंद हो रही है। शेयरों का आवंटन 21 अक्टूबर को निर्धारित है। सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर 22 अक्टूबर को जमा होने और एक्सचेंजों पर कारोबार 23 अक्टूबर से शुरू होने की संभावित तारीख है।
आईपीओ की प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:
- मूल्य दायरा: ₹327 से ₹344 प्रति शेयर
- कुल इश्यू आकार: लगभग ₹475.48 करोड़
- कुल शेयर: लगभग 1.38 करोड़
- लॉट आकार: 43 शेयर
- एक लॉट के लिए राशि: ऊपरी मूल्य पर ₹14,792
- आवंटन की संभावित तारीख: 21 अक्टूबर 2026
- लिस्टिंग की संभावित तारीख: 23 अक्टूबर 2026
- एक्सचेंज: NSE और BSE
आवेदन करने से पहले अपने ब्रोकर के मंच पर अंतिम समयसीमा और भुगतान संबंधी विवरण जांच लें।
आखिरी दिन कितना सब्सक्राइब हुआ IPO?
19 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:51 बजे तक यह इश्यू कुल 1.50 गुना सब्सक्राइब हुआ था। निवेशक श्रेणी के हिसाब से पात्र संस्थागत खरीदारों (एंकर निवेशकों को छोड़कर) का हिस्सा 1.26 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों का 2.18 गुना और खुदरा निवेशकों का 1.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा उस समय 0.22 गुना भरा था।
ये आंकड़े दिन के दौरान बदल सकते हैं। इसलिए इन्हें आईपीओ बंद होने के बाद की अंतिम सदस्यता स्थिति नहीं मानना चाहिए।
कंपनी क्या कारोबार करती है?
साहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज हृदय और रक्त वाहिकाओं से संबंधित चिकित्सा उपकरण बनाती है। इसके उत्पादों में कोरोनरी स्टेंट, बैलून कैथेटर और हृदय की संरचनात्मक समस्याओं के उपचार में इस्तेमाल होने वाले विशेष उपकरण शामिल हैं।
कंपनी का कारोबार ऐसे चिकित्सा उपकरणों से जुड़ा है जिनके लिए तकनीकी विशेषज्ञता, नियामकीय मंजूरी और चिकित्सकीय परीक्षण महत्वपूर्ण होते हैं। इस क्षेत्र में तकनीकी विकास और अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार कंपनी के लिए अवसर पैदा कर सकते हैं। वहीं, उत्पादों की गुणवत्ता, नियामकीय बदलाव और प्रतिस्पर्धा इसके कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं।
वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
कंपनी के विवरण-पत्र में दिए गए समेकित वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में उसका कुल राजस्व 1,218.73 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 1,035.96 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में शुद्ध लाभ 25.15 करोड़ रुपये से बढ़कर 69.08 करोड़ रुपये हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 7.35 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
हालांकि, केवल एक साल के लाभ में बढ़ोतरी के आधार पर भविष्य के प्रदर्शन का अनुमान लगाना उचित नहीं है। कंपनी का कर्ज भी ध्यान देने योग्य है। जून 2026 तक उसके कुल उधार 320.63 करोड़ रुपये थे, जबकि मार्च 2026 में ये 269.53 करोड़ रुपये थे।
साहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड IPO में जोखिम क्या हैं?
इस आईपीओ की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पूरी तरह OFS है। इससे मिलने वाली रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों और अन्य शेयरधारकों को जाएगी। इसलिए इस इश्यू से कंपनी को विस्तार, अनुसंधान या कर्ज चुकाने के लिए नई पूंजी नहीं मिलेगी।
इसके अलावा, कंपनी के लाभ में पिछले वर्षों के दौरान उतार-चढ़ाव रहा है और इसके मूल्यांकन की तुलना समान क्षेत्र की दूसरी कंपनियों से करना जरूरी है। आईपीओ के लिए प्रचलित ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी अनौपचारिक संकेतक है, जिसकी मदद से लिस्टिंग पर होने वाले संभावित लाभ की गारंटी नहीं मिलती।
साहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का आईपीओ चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में निवेश का अवसर देता है, लेकिन निर्णय लेने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज, मूल्यांकन और दीर्घकालीन विकास की संभावनाओं को समझना जरूरी है। केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों या GMP के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।

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