जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट: हाइजैक अलर्ट के बाद जयपुर में उतरी एयर इंडिया की फ्लाइट, 300 यात्री सुरक्षित; जांच में नहीं मिला खतरा
जयपुर/नई दिल्ली: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 की सुबह उस समय सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया, जब फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को हाइजैक अलर्ट मिलने के बाद जयपुर डायवर्ट करना पड़ा। बोइंग 787-9 विमान में करीब 300 लोग सवार थे। विमान को जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने विमान, यात्रियों और सामान की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या वास्तविक खतरा नहीं मिला। इसके बाद विमान और चालक दल को उड़ान जारी रखने की मंजूरी दे दी गई।
Jaipur Airport Plane News: क्या हुआ था विमान में?
एयर इंडिया की फ्लाइट AI2030 जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही थी। भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद विमान से ट्रांसपोंडर कोड 7500 प्रसारित होने की सूचना मिली। विमानन क्षेत्र में इस कोड का इस्तेमाल संभावित अपहरण या गैरकानूनी हस्तक्षेप का संकेत देने के लिए किया जाता है।
सूचना मिलते ही हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत विमान को जयपुर की ओर मोड़ दिया गया। विमान सुबह करीब 9:35 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर उतरा और उसे मुख्य परिचालन क्षेत्र से अलग एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
यात्रियों और विमान की हुई सघन जांच
विमान के उतरने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने जांच की। विमान के भीतर, यात्रियों के सामान और कार्गो हिस्से की तलाशी ली गई। यात्रियों को विमान से उतारकर टर्मिनल भवन में ले जाया गया।
विमान में करीब 293 यात्री और 13 चालक दल के सदस्य सवार बताए गए। सभी यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए मंजूरी दी गई। एयर इंडिया ने भी पुष्टि की कि विमान और चालक दल को संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने हरी झंडी दे दी है।
जांच पूरी होने के बाद यात्रियों ने उसी विमान में दोबारा सवार होकर दिल्ली के लिए यात्रा शुरू की।
हाइजैक अलर्ट कैसे जारी हुआ? जांच जारी
इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि विमान से हाइजैक संकेत देने वाला कोड कैसे प्रसारित हुआ। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, पायलटों ने हवाई यातायात नियंत्रण को बताया कि विमान में सब कुछ सामान्य था।
इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कोड तकनीकी समस्या, संचार प्रणाली में गड़बड़ी या किसी अन्य कारण से प्रसारित हुआ। विमानन और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। इसे जानबूझकर किए गए हाइजैक प्रयास का मामला मानने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
जयपुर एयरपोर्ट पर सामान्य उड़ानों पर क्या असर पड़ा?
सुरक्षा जांच के दौरान विमान को अलग स्थान पर रखा गया, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार एयरपोर्ट के सामान्य परिचालन को व्यापक रूप से बंद नहीं किया गया। जांच पूरी होने और खतरा समाप्त घोषित किए जाने के बाद विमान को उड़ान जारी रखने की अनुमति दी गई।
यह घटना बताती है कि विमान से मिलने वाले किसी भी सुरक्षा संकेत को गंभीरता से लिया जाता है। भले ही बाद में वह गलत अलर्ट साबित हो, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।

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