Nepal Flash Floods: नेपाल में अचानक आई बाढ़ से तबाही, 5 लोग लापता; 100 से अधिक विदेशी पर्यटक फंसे

नेपाल में एक बार फिर अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। मध्य नेपाल के गोरखा जिले में बुढ़ी गंडकी नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने से कई घर, पुल और सड़कें बह गईं। 12 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, कम से कम पांच स्थानीय लोग लापता हैं, जबकि 100 से अधिक विदेशी पर्यटक अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। बचाव अभियान जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सेना तथा सुरक्षा बलों की मदद ली जा रही है।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद के हालात पर अपडेट: मृतकों की संख्या 1,250 के करीब, 4,000 से अधिक लोग अभी भी लापता - द हिंदू

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब नेपाल अगस्त में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहा है। लगातार सामने आ रही प्राकृतिक आपदाओं ने हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और वहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

Nepal Floods: गोरखा जिले में कैसे आई अचानक बाढ़?

बाढ़ की घटना 11 अक्टूबर 2026 को गोरखा जिले के चुमनुब्री क्षेत्र में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भूस्खलन के कारण बुढ़ी गंडकी नदी के प्रवाह में रुकावट पैदा हो गई थी। इसके बाद जमा हुआ पानी अचानक आगे बढ़ा और नदी के निचले इलाकों में तेज बहाव के साथ पहुंच गया।

इस तेज बहाव में मिट्टी, बड़े पत्थर और मलबा शामिल था, जिससे नदी के आसपास बसे इलाकों को भारी नुकसान हुआ। कई घर बह गए और कुछ स्थानों पर सड़क तथा पुलों की संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।

नेपाल में अचानक आई बाढ़: कम से कम 157 लोगों की मौत; सैकड़ों लापता, जिनमें 100 से अधिक भारतीय नागरिक शामिल हैं - द हिंदू

नेपाल के अधिकारियों ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। शुरुआती चेतावनी से कई लोगों को समय रहते ऊंचे स्थानों पर पहुंचने में मदद मिली।

पांच लोग लापता, विदेशी पर्यटकों के लिए बचाव अभियान

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस बाढ़ के बाद पांच स्थानीय लोग लापता बताए गए हैं। इनमें दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। सोमवार तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बचाव दल ने 96 लोगों को सुरक्षित निकाला, जिनमें नौ विदेशी नागरिक शामिल थे। दूसरी ओर, एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में सोमवार को 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की जानकारी दी गई है। इन आंकड़ों में अलग-अलग चरणों में निकाले गए लोगों की संख्या शामिल हो सकती है।

सबसे बड़ी चिंता उन 100 से अधिक विदेशी ट्रेकर्स को लेकर है, जो मनास्लु क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। बाढ़ के कारण कई पैदल रास्ते और पुल बह गए हैं, जिससे उनकी आवाजाही बाधित हुई है।

अधिकारियों के अनुसार, जो पर्यटक वापस लौटना चाहते हैं, उनके लिए बचाव की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, सुरक्षित स्थानों पर मौजूद पर्यटकों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आगे की यात्रा का निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।

घर, पुल और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान

बुढ़ी गंडकी नदी में आए उफान से केवल रिहायशी इलाकों को ही नुकसान नहीं पहुंचा, बल्कि जरूरी बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ा है।

प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ में पांच पुल क्षतिग्रस्त हुए या बह गए। इनमें पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाले पुल शामिल हैं। इसके अलावा तीन जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण स्थलों को भी नुकसान पहुंचा है।

नेपाल में विनाशकारी बाढ़, 1,500 लोग लापता; 700 से अधिक विदेशी

सड़कें क्षतिग्रस्त होने से कुछ गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण बचाव कार्य में चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।

धादिंग जिले के कुछ इलाकों में भी बाढ़ से नुकसान दर्ज किया गया है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, वहां 72 घर प्रभावित हुए, जिनमें 58 पूरी तरह क्षतिग्रस्त बताए गए। प्रशासन नुकसान का आकलन करने और प्रभावित परिवारों की मदद करने में जुटा है।

अगस्त की भीषण बाढ़ के बाद फिर बढ़ी चिंता

नेपाल अभी अगस्त 2026 में नेपाल-चीन सीमा के आसपास आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के प्रभावों से उबर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उस आपदा में 1,457 लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग लापता बताए गए थे।

ताजा बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में अचानक होने वाली प्राकृतिक आपदाओं की गंभीरता को उजागर किया है। यहां भूस्खलन नदी के प्रवाह को रोक सकता है और बाद में जमा हुआ पानी अचानक नीचे की ओर बह सकता है। इससे नदी किनारे बसे गांवों, सड़कों, पुलों और पर्यटन मार्गों पर अचानक खतरा पैदा हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र (ICIMOD) ने भी इस घटना को हिमालयी क्षेत्र में मौजूद आपदाओं के आपसी संबंध और अचानक बढ़ने वाले खतरे का उदाहरण बताया है।

नेपाल में राहत और बचाव कार्य जारी

नेपाल की सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं। जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, दवाइयां, तंबू, कंबल और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। नेपाल रेड क्रॉस सोसाइटी ने भी राहत सामग्री और स्वयंसेवकों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया है।

फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालना और दूरदराज के गांवों तक सहायता पहुंचाना है। आने वाले दिनों में नुकसान का पूरा आकलन होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बाढ़ से कुल कितने घर, सड़कें, पुल और अन्य सुविधाएं प्रभावित हुई हैं।

अन्य ख़बरें !

By Kanchan

One thought on “Nepal Flash Floods: 5 लोग लापता, 100 से अधिक पर्यटक फंसे”

Comments are closed.