दूध: त्योहारी सीजन में बढ़ी निगरानी, FSSAI ने दिए सख्त जांच के निर्देश, कीमतें भी रहीं चर्चा में

संसद में गूंजा मुद्दा, FSSAI ने कसी कमर... अब हर दूध विक्रेता पर होगी सरकार की पैनी नजर, समझें आप पर क्या होगा असर?

हर भारतीय रसोई की सुबह की शुरुआत दूध से होती है, चाहे वह चाय हो, बच्चों का गिलास हो या मिठाइयां। नवरात्रि और दिवाली से ठीक पहले यह जरूरी चीज दो वजहों से खबरों में है। एक तरफ भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए देशभर में जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। दूसरी तरफ इस साल दूध की कीमतें बढ़ने से घर के बजट पर भी असर पड़ा है।

FSSAI का निर्देश: त्योहारों में सख्त निगरानी

FSSAI ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आगामी नवरात्रि और दिवाली के दौरान निगरानी, निरीक्षण और सैंपलिंग बढ़ाई जाए। यह निर्देश 29 सितंबर की तारीख का है और इसकी जानकारी 5-6 अक्टूबर को सार्वजनिक हुई। प्राधिकरण ने इसे “सबसे महत्वपूर्ण” मामला मानने को कहा है।

FSSAI Intensifies Checks on Dairy Products to Combat Adulteration During Festivals, ETHealthworld

FSSAI के अनुसार त्योहारों में मिठाई, नमकीन, खाद्य तेल, पेय पदार्थ, दूध और घी, खोया व पनीर जैसे दूध उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ती है। मांग बढ़ने पर मिलावट का लालच भी बढ़ जाता है, इसलिए खास निगरानी जरूरी मानी गई है।

क्या-क्या कदम उठाए जाएंगे?

  • संवेदनशील और चिह्नित स्थानों पर निरीक्षण और नमूनों की जांच
  • मोबाइल यूनिट (“फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स”) के जरिए मौके पर ही टेस्टिंग
  • उपभोक्ताओं में जागरूकता फैलाना
  • राज्य स्थानीय खपत के आधार पर अन्य खाद्य पदार्थ भी जांच में शामिल कर सकेंगे

दूध की कीमतों का हाल

इस साल 14 मई 2026 से अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए। रिपोर्टों के अनुसार पिछले करीब 13 महीनों में यह दूसरी बढ़ोतरी थी। अमूल ने इसे 2.5 से 3.5 प्रतिशत के बीच बताया। कंपनियों का कहना है कि पशुओं का चारा, परिवहन, पैकेजिंग और संचालन खर्च बढ़ा है और पशुपालकों को बेहतर भुगतान देना भी जरूरी था।

दिल्ली-एनसीआर में मदर डेयरी के नए दाम इस तरह हैं:

  • फुल क्रीम दूध: ₹72 प्रति लीटर (पहले ₹70)
  • टोंड दूध: ₹60 प्रति लीटर (पहले ₹58)
  • डबल टोंड दूध: ₹54 प्रति लीटर (पहले ₹52)
  • गाय का दूध: ₹62 प्रति लीटर (पहले ₹60)

दूध बेचना है? पहले लेना होगा लाइसेंस, FSSAI ने किसे दी है छूट?

अमूल गोल्ड का एक लीटर का पैकेट ₹68 से बढ़कर ₹70 हो गया। शहर और राज्य के हिसाब से कीमतें अलग हो सकती हैं, इसलिए अपने इलाके की दर जरूर देखें।

क्या बाजार का दूध वाकई ज्यादातर मिलावटी है?

घबराने की बजाय तथ्य जानना बेहतर है। FSSAI के 2018 के राष्ट्रीय दूध सुरक्षा सर्वे में 6,432 नमूनों में से 5,976 (93 प्रतिशत से ज्यादा) सुरक्षित पाए गए थे। सिर्फ 12 नमूनों में हानिकारक मिलावट मिली थी, जिनमें हाइड्रोजन पेरोक्साइड, डिटर्जेंट, यूरिया और न्यूट्रलाइजर शामिल थे। हालांकि करीब 41 प्रतिशत नमूने सुरक्षित होते हुए भी फैट या SNF जैसे गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। यह आंकड़ा पुराना है, पर इससे यह समझ आता है कि सतर्कता जरूरी है, डर नहीं।

घर पर दूध की जांच के आसान तरीके

कुछ साधारण परीक्षण शुरुआती संकेत दे सकते हैं, पर पक्की जांच प्रयोगशाला में ही होती है।

  • पानी की मिलावट: दूध की एक बूंद चिकनी, ढलान वाली सतह पर डालें। शुद्ध दूध धीरे बहता है और पीछे सफेद निशान छोड़ता है। पानी मिला दूध तेजी से बह जाता है।
  • स्टार्च की जांच: थोड़े दूध में आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। नीला रंग आए तो स्टार्च की मिलावट का संकेत है।
  • डिटर्जेंट की जांच: बराबर पानी मिलाकर बोतल में जोर से हिलाएं। ज्यादा देर टिकने वाला घना झाग डिटर्जेंट की ओर इशारा कर सकता है।

संदेह होने पर सैंपल अपने जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग को दें या FSSAI के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।

खरीदते समय सावधानियां

  • ब्रांडेड और सील्ड पैकेट का दूध लें, पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, एक्सपायरी और निर्माण की तारीख देखें।
  • खोया, पनीर और घी भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें, खासकर त्योहारों के दौरान।
  • ज्यादा सस्ती कीमत पर बिक रहे मावा या मिठाई पर शक करें।
  • दूध को सही तापमान पर रखें और उबालकर इस्तेमाल करें।

निष्कर्ष

दूध भारतीय आहार का अहम हिस्सा है और कैल्शियम तथा प्रोटीन का सुलभ स्रोत है। त्योहारी मांग के बीच FSSAI की सख्ती से उम्मीद है कि मिलावट पर लगाम लगेगी। उपभोक्ता भी थोड़ी सतर्कता से खुद को और परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

अन्य ख़बरें !

By Kanchan

One thought on “दूध में मिलावट पर FSSAI की सख्ती: त्योहारों से पहले जांच तेज, घर पर ऐसे पहचानें शुद्ध दूध”

Comments are closed.