बरगी बांध की जलराशि का तांडव: 17 गेट खुलने से बांध के सामने बना 40 साल पुराना पुल क्षतिग्रस्त; चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद
तेज बहाव में बह गई पुल की चारदीवारी; नर्मदा नदी में उफान के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिए तैनात किए पुलिस बल।
नर्मदा नदी पर बने मध्य प्रदेश के प्रमुख बरगी बांध (Bargi Dam, Jabalpur) के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बांध के 17 गेट खोल दिए गए थे। गेटों से निकली प्रचंड जलराशि के वेग के कारण बरगी बांध के ठीक सामने बना लगभग 40 साल पुराना छोटा पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। जलस्तर घटने के बाद जब पानी उतरा, तो देखा गया कि पुल की सुरक्षा चारदीवारी (पैरापेट वॉल) बहकर सड़क पर आ गई है, जिसके चलते जबलपुर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, लगभग चार दशकों से यह पुल बांध से निकलने वाले पानी के तेज बहाव को सहता आ रहा था। लेकिन इस बार 17 गेट एक साथ खोले जाने से नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया और झांसी घाट समेत निचले पुल जलमग्न हो गए। बरगी बांध के सामने बने इस इकलौते संपर्क पुल के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों के लिए आवागमन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सुरक्षा की दृष्टि से तिलवारा और बरगी पुलिस ने पुल के दोनों ओर बैरिकेड्स लगाकर पुलिस जवान तैनात कर दिए हैं।
. स्थानीय यातायात प्रभावित और प्रशासन की कार्रवाई
पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग एक्शन में आ गया है:
- आवागमन पर रोक: एहतियात के तौर पर क्षतिग्रस्त पुल से चार पहिया और भारी वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है।
- स्थानीय ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय-समय पर इस 40 साल पुराने पुल का रख-रखाव (Maintenance) किया जाता, तो यह दुर्दशा न होती। अब प्रशासन से तुरंत वैकल्पिक मार्ग और मरम्मत की मांग की जा रही है।
- मानसून का समापन: मानसून सीजन के अंत में 33.27 इंच बारिश दर्ज होने के बाद बरगी बांध के गेट बंद कर दिए गए हैं, जिसके बाद अब जल संसाधन विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है।
निष्कर्ष
बरगी बांध के गेट खुलने से छोटे पुल को हुआ नुकसान क्षेत्र की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। प्रशासन द्वारा जल्द मरम्मत कार्य शुरू होने से ही स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को राहत मिल सकेगी।
