मध्यप्रदेश के बालाघाट में बैगा बहुल 57 गांवों में बच्चों के बीमार पड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी है। अब तक 624 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें 594 ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
Balaghat Baiga Children Health को लेकर मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी लगातार जारी है। बालाघाट जिले के बैहर और बिरसा ब्लॉक के 57 बैगा बहुल गांवों में पिछले करीब एक महीने से बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने के बाद स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया गया है।

20 सितंबर की स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 624 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें 594 बच्चे इलाज के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 30 बच्चे अभी भी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों में बुखार, मलेरिया और त्वचा संबंधी बीमारियों जैसी मौसमी स्वास्थ्य समस्याएं सामने आई हैं। स्थिति को देखते हुए केंद्र और राज्य स्तर से मेडिकल टीमों को प्रभावित इलाकों में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर निगरानी, screening और preventive measures बढ़ाए हैं ताकि नए मामलों की पहचान समय पर की जा सके।
57 गांवों में क्यों बढ़ाई गई निगरानी?
बालाघाट के बैहर और बिरसा ब्लॉक के जिन गांवों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आई, वहां बड़ी संख्या में परिवार दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। इन इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच, पोषण और मौसमी संक्रमण जैसे कई factors एक साथ महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक हजारों लोगों की screening की जा चुकी है। स्वास्थ्य टीमों को घर-घर भेजकर बीमार लोगों की पहचान की जा रही है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और उपचार उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित गांवों में लगातार monitoring की जा रही है ताकि किसी भी नए cluster या गंभीर बीमारी के संकेत को जल्द पहचाना जा सके।
624 बच्चों को कराया गया Hospitalised
स्वास्थ्य विभाग की 20 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में 624 बच्चों को अब तक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 594 बच्चे उपचार के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।
वर्तमान में 30 बच्चों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों में suspected seasonal illnesses के तौर पर fever, malaria और skin diseases जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
यह आंकड़ा बताता है कि स्वास्थ्य विभाग के सामने केवल एक बीमारी की चुनौती नहीं है, बल्कि अलग-अलग seasonal और infectious conditions को लेकर भी लगातार निगरानी की जरूरत है।
Health Teams ने तेज किया Door-to-Door Survey
प्रभावित क्षेत्रों में health teams को घर-घर भेजकर लोगों की screening की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक 57 survey teams, mobile medical units, medical officers और ambulances को इलाके में लगाया गया है। हजारों लोगों की screening के साथ बीमार पाए गए लोगों को treatment और referral की सुविधा दी जा रही है।
बच्चों के लिए vitamin A, iron syrup और albendazole जैसी preventive health interventions भी की गई हैं। इसके साथ vaccination और mosquito-control activities पर भी जोर दिया गया है।
मलेरिया जैसे vector-borne diseases को देखते हुए प्रभावित इलाकों में insecticide spraying भी की गई है।

बच्चों में Malnutrition और Infection की चिंता
बालाघाट की इस health situation में infection के साथ malnutrition को लेकर भी चिंता सामने आई है। सितंबर में प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया कि प्रभावित इलाकों में बच्चों में कुपोषण, anemia और dehydration जैसी समस्याएं भी स्वास्थ्य स्थिति को गंभीर बना सकती हैं।
जब बच्चों का nutritional status कमजोर होता है तो infection से लड़ने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए केवल बीमारी का इलाज करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि बच्चों की nutrition status, vaccination और नियमित health monitoring पर भी ध्यान देना जरूरी होता है।
इसी वजह से health teams द्वारा बच्चों को आवश्यक supplements और preventive medicines उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
Medical Facilities को लेकर क्या कदम?
बालाघाट में बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए district hospital की pediatric facilities पर भी दबाव पड़ा। सितंबर की शुरुआत में रिपोर्ट किया गया था कि बिरसा block के district hospital में बच्चों के लिए dedicated ward की क्षमता बढ़ाई गई थी। उस समय करीब 400 बच्चों के hospitalisation की जानकारी सामने आई थी।

बाद में health department की monitoring और treatment के साथ बड़ी संख्या में बच्चे recover हुए। अब 30 बच्चों का उपचार जारी है और health teams प्रभावित गांवों में नए मामलों की पहचान कर रही हैं।
आगे Health Department की चुनौती क्या?
अब health department के सामने तीन प्रमुख priorities हैं—नए मामलों की पहचान, गंभीर मरीजों को समय पर treatment और प्रभावित क्षेत्रों में preventive healthcare मजबूत करना।
मलेरिया और दूसरी seasonal illnesses की रोकथाम के लिए mosquito control, साफ-सफाई, vaccination और awareness activities महत्वपूर्ण रहेंगी। इसके साथ बच्चों के nutrition status पर भी लगातार नजर रखने की जरूरत है।

दूरदराज के गांवों में medical access बेहतर करना भी लंबे समय के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा।
निष्कर्ष: Balaghat Baiga Children Health मामले में 57 गांवों में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी है। अब तक 624 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें 594 ठीक हो चुके हैं और 30 बच्चों का उपचार चल रहा है। Health teams door-to-door screening, vaccination, nutrition support और mosquito-control activities के जरिए स्थिति पर नजर रख रही हैं।
