गणेशोत्सव में तुकाराम मुंढे का बड़ा एक्शन: 184 लाइसेंस सस्पेंड, 21,000 किलो मिलावटी खाना जब्त
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के तेज-तर्रार कमिश्नर IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। गणेशोत्सव के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए गए व्यापक अभियान में विभाग ने 184 लाइसेंस निलंबित किए हैं और करीब 21,000 किलोग्राम मिलावटी खाना जब्त किया है। यह कार्रवाई मुंढे की अगुवाई में महाराष्ट्र में जारी सख्त खाद्य सुरक्षा मुहिम की ही अगली कड़ी है।
गणेशोत्सव के दौरान बड़ी कार्रवाई
त्योहारी सीजन के दौरान रेस्टोरेंट और होटलों में गंदगी और मिलावट से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिस पर कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने साफ किया कि विभाग हर शिकायत पर तुरंत ध्यान देता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक डॉक्टर द्वारा किसी होटल में उजागर की गई खामियों के बाद FDA टीम ने तुरंत उस जगह का निरीक्षण किया था। इसी तरह की सक्रियता के चलते गणेशोत्सव के दौरान विभाग ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप 184 लाइसेंस सस्पेंड किए गए और 21,000 किलो से ज्यादा मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई।
छत्रपति संभाजीनगर में मिठाई घोटाले का पर्दाफाश
त्योहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले छत्रपति संभाजीनगर में भी FDA टीम ने बड़ी कार्रवाई की। शाहनूर दरगाह के पास छापेमारी में करीब 4 से 4.7 टन मिलावटी मिठाई जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 7.6 लाख रुपये आंकी गई। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ — मिठाई में इस्तेमाल होने वाले खोए की जगह कुछ और ही मिलावटी सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। इतनी बड़ी मात्रा में मिलावटी मिठाई मिलने के बाद विभाग ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
अपने ही विभाग के अधिकारियों को भी दी चेतावनी
तुकाराम मुंढे सिर्फ बाहरी कारोबारियों पर ही सख्त नहीं हैं, बल्कि उन्होंने अपने ही विभाग के अधिकारियों को भी साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का समझौता या काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनकी अगुवाई में FDA ने महज दो दिनों के भीतर दूध, मक्खन, पनीर समेत करीब 95 टन खाद्य सामग्री जब्त की थी, जो विभाग की तेजी और सक्रियता को दर्शाता है।
शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ पर भी बरसे
तुकाराम मुंढे का सख्त रवैया सिर्फ खाद्य कारोबारियों तक सीमित नहीं रहा। हाल ही में उन्होंने विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ पर भी बड़ा बयान दिया। मुंढे ने साफ कहा कि उनके लिए ये तीनों बड़े सेलिब्रिटी नहीं, बल्कि महज “कानून तोड़ने वाले विज्ञापनकर्ता” हैं, और यह कार्रवाई सरोगेट विज्ञापन के नियमों के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया कि नोटिस का जवाब न देने पर एक अभिनेता के खिलाफ FDA ने कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
ट्रांसफर की अटकलों पर भी दिया जवाब
बीते कुछ हफ्तों में तुकाराम मुंढे के तबादले को लेकर भी कई तरह की अटकलें चलती रहीं, जिसमें उनके राजस्थान के सीकर स्थानांतरित होने के दावे भी शामिल थे। हालांकि मुंढे ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है। FDA ट्रांसफर की चर्चाओं और अपनी भविष्य की योजनाओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “जो भी काम मिलेगा, मैं ईमानदारी से करूंगा।” यह बयान उनके प्रशासनिक करियर की उसी छवि को दर्शाता है, जिसके लिए वे जाने जाते हैं — जहां भी तैनात हों, बिना किसी दबाव के सख्ती से काम करना।
कौन हैं तुकाराम मुंढे
तुकाराम मुंढे एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं, जो अपने सख्त और निडर प्रशासनिक रवैये के लिए महाराष्ट्र में खासे चर्चित रहे हैं। उन्होंने इतिहास में स्नातक (BA) और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (MA) की पढ़ाई की है। अपने पूरे करियर में वे कई बार तबादलों और विवादों के बीच भी अपने सख्त फैसलों के लिए जाने जाते रहे हैं, और आम जनता के बीच उनकी छवि एक बेबाक और ईमानदार प्रशासक की रही है।
आगे क्या
FDA कमिश्नर के तौर पर तुकाराम मुंढे की मौजूदा मुहिम को देखते हुए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ राज्यभर में इसी तरह के सख्त अभियान जारी रहेंगे। उनकी कार्यशैली ने जहां आम उपभोक्ताओं के बीच भरोसा बढ़ाया है, वहीं कारोबारियों और विज्ञापनदाताओं के लिए भी यह एक स्पष्ट संदेश है कि कानून के सामने कोई भी बड़ा नाम अपवाद नहीं है।

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