उत्तराखंड हेलीकॉप्टर दुर्घटना: बद्रीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर जोशीमठ में क्रैश, पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत
उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम से लौट रहा एक निजी हेलीकॉप्टर शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा जोशीमठ के पास हाथी पर्वत क्षेत्र में हुआ, जिसमें पायलट समेत हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पांच यात्री कर्नाटक के रहने वाले थे। हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड जा रहा था। हादसे के बाद राज्य सरकार ने संबंधित विमानन कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर एहतियातन रोक लगा दी है।
31 अक्टूबर की सुबह बचाव दल ने दुर्गम पहाड़ी इलाके से सभी छह मृतकों के शव बरामद कर लिए। हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) करेगा।
शुरुआती जानकारी में खराब मौसम और कम दृश्यता को दुर्घटना के संभावित कारणों में शामिल किया गया है, लेकिन हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
उत्तराखंड हेलीकॉप्टर क्रैश : बद्रीनाथ से उड़ान भरने के 2 मिनट बाद टूटा संपर्क
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, Trans Bharat Aviation Pvt. Ltd. का AS350B3 हेलीकॉप्टर (पंजीकरण संख्या VT-HCX) 30 अक्टूबर को बद्रीनाथ हेलीपैड से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था।
चमोली के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 1:12 बजे उड़ान भरी और लगभग 1:14 बजे जोशीमठ घाटी के ऊपर उसका रडार संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान की लोकेशन ट्रैकिंग भी बंद हो गई।
कुछ समय बाद भारतीय सेना के सिग्नल सेंटर के जवानों ने हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठते देखा। विमान तेजी से नीचे की ओर आता दिखाई दिया। इसके बाद स्थानीय प्रशासन, सेना और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तलाशी अभियान शुरू किया।
चाय गाँव के पास जंगल में मिला हेलीकॉप्टर का मलबा
हेलीकॉप्टर का मलबा चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में छाई गांव के पास जंगल और पहाड़ी ढलान पर मिला। दुर्घटना स्थल तक पहुंचने का रास्ता काफी कठिन था। अंधेरा होने और आसपास जंगली भालुओं तथा अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण शुक्रवार रात शवों को बाहर निकालने का काम रोकना पड़ा।
शनिवार सुबह करीब 5 बजे सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने फिर से अभियान शुरू किया।
31 अक्टूबर को सभी छह मृतकों के शव बरामद कर लिए गए और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जोशीमठ पहुंचाया गया। कर्नाटक सरकार भी मृतकों के पार्थिव शरीर उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए उत्तराखंड प्रशासन के साथ समन्वय कर रही है।
हेलीकॉप्टर क्रैश: कौन थे हादसे में जान गंवाने वाले 6 लोग?
इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में एक पायलट और कर्नाटक के पांच यात्री शामिल थे।
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- कैप्टन हिमांशु सभरवाल: 48 वर्षीय पायलट, दिल्ली निवासी।
- प्रतापा बचिहल्ली निंगराजू: कर्नाटक के निवासी।
- अरुण सालुंके: बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा के तकनीकी प्रकोष्ठ में पुलिस निरीक्षक।
- वीबी शंकर गौड़ा: कर्नाटक के निवासी।
- सुधीर के.: कर्नाटक के निवासी और अधिवक्ता।
- एचएस नटराज: तुमकुरु, कर्नाटक के निवासी।
हादसे की खबर मिलने के बाद कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने और पार्थिव शरीर वापस लाने के लिए उत्तराखंड प्रशासन से संपर्क किया।
खराब मौसम बना हादसे की संभावित वजह?
हादसे के दिन भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चमोली जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इसमें कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी। जिले में हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना जताई गई थी।
बद्रीनाथ-जोशीमठ मार्ग के आसपास बारिश और कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी व्यक्त की गई थी।
ऐसे में खराब मौसम और कम दृश्यता को हादसे का संभावित कारक माना जा रहा है। हालांकि, मौसम को ही दुर्घटना का अंतिम कारण घोषित नहीं किया गया है।
AAIB करेगा जांच, Trans Bharat Aviation के हेलीकॉप्टरों पर रोक
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हादसे की प्रारंभिक नियामकीय जांच के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की टीम देहरादून भेजी है। इसके अलावा विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को भी दुर्घटना की विस्तृत जांच करनी है।
जांच में हेलीकॉप्टर के मलबे, उपलब्ध उड़ान संबंधी रिकॉर्ड, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की उपलब्धता, पायलट के उड़ान अनुभव, विमान के रखरखाव और मौसम की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी।
एहतियात के तौर पर Trans Bharat Aviation के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानें रोक दी गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर चारधाम यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा और मौसम संबंधी चेतावनियों के पालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब दुर्घटना जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि इस हादसे के पीछे मौसम, तकनीकी खराबी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।

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