जबलपुर समाचार: वाणिज्यिक कर अधिकारी के ठिकानों पर लोकायुक्त की जांच, 2.74 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का मामला

मध्य प्रदेश के जबलपुर में वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच जारी है। 27 अक्टूबर को जबलपुर, भोपाल और सागर स्थित ठिकानों पर एक साथ तलाशी के बाद जांच एजेंसी अब बैंक खातों, लॉकरों, संपत्ति के दस्तावेजों और परिवार के सदस्यों के वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच में अधिकारी की ज्ञात आय की तुलना में लगभग 2.74 करोड़ रुपये अधिक व्यय और संपत्ति सामने आने की बात कही गई थी। मामले में अभी जांच जारी है और संपत्तियों के स्रोतों का सत्यापन किया जा रहा है।

Lokayukta Raid Jabalpur Bhopal Sagar | GST Officer Manish Kumar Jain

जबलपुर समाचार: लोकायुक्त की जांच में कितनी संपत्ति सामने आई?

लोकायुक्त पुलिस के प्रारंभिक विवरण के अनुसार, मनीष कुमार जैन की ज्ञात आय लगभग 1.03 करोड़ रुपये आंकी गई, जबकि उनके और परिवार के सदस्यों के नाम पर करीब 3.78 करोड़ रुपये का व्यय और संपत्ति दर्ज होने की जानकारी सामने आई। इस आधार पर लगभग 2.74 करोड़ रुपये का अंतर बताया गया, जो ज्ञात आय का 264.64 प्रतिशत है।

यह शुरुआती जांच का निष्कर्ष है। संपत्तियों के मूल्यांकन, आय के स्रोतों और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

29 अक्टूबर की कुछ रिपोर्टों में 3.94 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी सामने आया है। हालांकि, शुरुआती जांच में बताए गए 3.78 करोड़ रुपये के कुल व्यय और 1.03 करोड़ रुपये की ज्ञात आय से इसकी गणना मेल नहीं खाती। इसलिए अंतिम आंकड़े की पुष्टि आधिकारिक जांच विवरण से होना आवश्यक है।

जबलपुर से भोपाल और सागर तक संपत्तियों की पड़ताल

लोकायुक्त की टीम ने 27 अक्टूबर को सुबह करीब छह बजे जबलपुर के जिलहरी स्थित रिलायबल डेवलपर कॉलोनी में अधिकारी के आवास पर तलाशी शुरू की थी। इसके साथ ही भोपाल और सागर जिले के बंडा में भी संबंधित ठिकानों की जांच की गई।

MP Lokayukta Raid: वाणिज्यिक कर अधिकारी की आय से 264% अधिक संपत्ति का खुलासा, जबलपुर-भोपाल-सागर में छापे -

प्रारंभिक जानकारी में जबलपुर में जमीन, पत्नी के नाम पर भूखंड, भोपाल में बंगले और फ्लैट तथा सागर जिले में परिवार के सदस्यों के नाम पर मकान और भूखंड होने की बात सामने आई।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, मनीष कुमार जैन की पत्नी निधि जैन और माता-पिता के नाम पर दर्ज संपत्तियों के दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं।

अधिकारियों का उद्देश्य संपत्तियों के वास्तविक स्रोत और खरीद पर हुए खर्च का पता लगाना है।

बैंक खातों, लॉकरों और नकदी की भी हो रही जांच

29 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी के दौरान वाहनों से संबंधित दस्तावेज, लगभग सात लाख रुपये के आभूषण और करीब 1.20 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी दी गई।

सागर जिले के बंडा स्थित आवास से लगभग 66 हजार रुपये नकद मिलने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।

जांच एजेंसी को अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर पांच बैंक खातों की जानकारी मिली है। संबंधित बैंकों से खातों में जमा राशि और वित्तीय लेनदेन का विवरण मांगा गया है। बैंक लॉकरों तथा अन्य निवेशों की भी पड़ताल की जा रही है।

इन जानकारियों के आधार पर जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संपत्तियां किन स्रोतों से खरीदी गईं और घोषित आय के साथ उनका क्या संबंध है।

दमोह में पदस्थ अधिकारी के खिलाफ किस कानून के तहत मामला?

मनीष कुमार जैन वाणिज्यिक कर विभाग में अधिकारी हैं और रिपोर्टों के अनुसार वर्तमान में दमोह में पदस्थ हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने प्रारंभिक सत्यापन किया था।

वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष जैन के सागर,जबलपुर और भोपाल में ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा आय से 264.64% अधिक व्यय का खुलासा • 1.03 करोड़ रुपये की आय ...

प्रारंभिक जांच में आरोपों को प्रथमदृष्टया सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। इन प्रावधानों का संबंध लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से है।

निष्कर्ष: जबलपुर के वाणिज्यिक कर अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच जारी है। बैंक खातों, लॉकरों और परिवार के नाम पर दर्ज संपत्तियों की जांच के बाद नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल शुरुआती आंकड़ों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए और आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

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द्वारा Kanchan

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