अनीता आडवाणी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, राजेश खन्ना से शादी को मान्यता देने की याचिका खारिज
दिवंगत बॉलीवुड सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को कानूनी रूप से शादी का दर्जा दिलाने की मांग कर रहीं अनीता आडवाणी को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने मामले को ‘लग्जरी लिटिगेशन’ यानी अनावश्यक कानूनी मुकदमेबाजी बताते हुए याचिका खारिज कर दी। इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट भी उनकी अपील खारिज कर चुका था।
अनीता आडवाणी समाचार: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में अनीता आडवाणी की ओर से दलील दी गई कि उनकी मांग आर्थिक लाभ के बजाय सम्मान और गरिमा से जुड़ी है। वह चाहती थीं कि राजेश खन्ना के साथ उनके रिश्ते को विवाह के समान कानूनी मान्यता दी जाए।
हालांकि, न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने याचिका पर विचार करने का आधार नहीं पाया। अदालत के इस फैसले से बॉम्बे हाई कोर्ट का पहले का निर्णय बरकरार रहा।
यह मामला राजेश खन्ना के निधन के बाद शुरू हुए लंबे कानूनी विवाद से जुड़ा है। अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह कई वर्षों तक अभिनेता के साथ रिश्ते में रही थीं और उनके संबंध को वैवाहिक रिश्ते के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए।
राजेश खन्ना से शादी को लेकर क्या था अनीता आडवाणी का दावा?
अनीता आडवाणी का दावा था कि वह राजेश खन्ना के साथ करीब 10 वर्षों तक लिव-इन रिलेशनशिप में रही थीं। उनके अनुसार, दोनों ने साथ जीवन बिताया और उनके संबंध पति-पत्नी जैसे थे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि राजेश खन्ना ने उनसे गुपचुप शादी की थी।
जुलाई 2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद अनीता ने उनके बांद्रा स्थित बंगले ‘आशीर्वाद’ से बाहर निकाले जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया, उनकी बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की।
हालांकि, ये अनीता आडवाणी के दावे थे। राजेश खन्ना के परिवार ने उनके वैवाहिक संबंध संबंधी दावों का विरोध किया था।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्यों खारिज की थी अपील?
इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनीता आडवाणी की अपील खारिज कर दी थी। अदालत ने मुंबई की डिंडोशी अदालत के 2017 के आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें उनका दीवानी मुकदमा खारिज कर दिया गया था।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि विवाह जैसे रिश्ते को कानूनी मान्यता देने के लिए संबंधित पक्षों का कानूनी रूप से विवाह करने योग्य होना आवश्यक है। अदालत के अनुसार, राजेश खन्ना का डिंपल कपाड़िया के साथ विवाह उस समय कानूनी रूप से कायम था और उसका विच्छेद नहीं हुआ था।
इसी आधार पर अनीता के रिश्ते को विवाह के समान मान्यता देने की मांग स्वीकार नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ते का मामला भी रहा चर्चा में
अनीता आडवाणी ने राजेश खन्ना की मृत्यु के बाद घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत भी कानूनी कार्रवाई की थी। उन्होंने अपने लिए रहने की व्यवस्था और आर्थिक सहायता की मांग की थी। इस मामले में भी उन्हें राहत नहीं मिली थी।
हालांकि, घरेलू हिंसा से जुड़ी कार्यवाही और विवाह की कानूनी मान्यता मांगने वाली याचिका अलग-अलग कानूनी कार्यवाहियां थीं। दोनों को एक ही मामले के रूप में देखना सही नहीं होगा।
कौन हैं अनीता आडवाणी?
अनीता आडवाणी पूर्व अभिनेत्री हैं। उन्होंने 1978 में फिल्म शालीमार में डांसर के रूप में काम किया था। इसके अलावा वह साजिश और दासी जैसी फिल्मों से भी जुड़ी रहीं। वर्ष 2013 में वह सलमान खान के रियलिटी शो बिग बॉस 7 में नजर आई थीं।
राजेश खन्ना के साथ उनके रिश्ते और उससे जुड़े कानूनी विवाद के कारण वह पिछले कई वर्षों से मनोरंजन जगत की खबरों में बनी हुई हैं।
निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 को अनीता आडवाणी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को विवाह का कानूनी दर्जा देने की मांग की थी। बॉम्बे हाई कोर्ट के पहले के फैसले के बाद यह उनके लिए एक और कानूनी झटका है। मामले की पृष्ठभूमि में उनके वैवाहिक संबंध के दावे और राजेश खन्ना के परिवार के साथ लंबे समय से जारी विवाद शामिल हैं।

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