NBEMS NEET-PG 2026 नोटिस को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, उम्मीदवारों ने मांगे असली सवाल और जवाब
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) के नीट-पीजी 2026 परीक्षा के उत्तर-कुंजी और मूल्यांकन संबंधी नोटिस को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। 15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र सरकार, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा। याचिका में उम्मीदवारों को परीक्षा में दिखाई देने वाले वास्तविक प्रश्न, सभी विकल्प, उनके दर्ज उत्तर और सही उत्तर उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि वे अपने अंकों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन कर सकें।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब नीट-पीजी 2026 का परिणाम घोषित हो चुका है और स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और उम्मीदवारों को अपनी आपत्तियां उठाने का पर्याप्त अवसर मिलना इस मामले के प्रमुख पहलू हैं।
सुप्रीम कोर्ट में किसने दायर की याचिका?
लाइव लॉ और अन्य समाचार रिपोर्टों के अनुसार, डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन ने NBEMS के 1 अक्टूबर 2026 के नोटिस को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने की।
सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया और मामले को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े संस्थागत मुद्दों पर लंबित याचिकाओं के साथ संलग्न कर दिया।

याचिका में कहा गया है कि बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी उम्मीदवारों को यह जांचने के लिए पर्याप्त नहीं है कि उनके उत्तरों का मूल्यांकन सही तरीके से हुआ है या नहीं। हालांकि, अभी अदालत ने याचिका में उठाई गई मांगों पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। फिलहाल संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया है।
NBEMS के नोटिस में क्या जानकारी दी गई थी?
NBEMS ने 1 अक्टूबर 2026 को नीट-पीजी 2026 के स्कोरकार्ड और उत्तर-कुंजी से संबंधित सूचना जारी की थी। इसके तहत उम्मीदवार अपने व्यक्तिगत आवेदन लॉगिन के माध्यम से प्रश्नवार मूल्यांकन संबंधी जानकारी देख सकते थे।
याचिका के अनुसार, इस व्यवस्था में प्रश्नों की पहचान संख्या, सही उत्तर की संख्यात्मक पहचान, उम्मीदवार द्वारा दर्ज उत्तर और प्रत्येक प्रश्न के लिए दिए गए अंक उपलब्ध कराए गए। लेकिन उम्मीदवारों को उनके सामने परीक्षा के दौरान प्रस्तुत किए गए वास्तविक प्रश्न और सभी उत्तर विकल्प उसी क्रम में उपलब्ध नहीं कराए गए, जिस क्रम में वे दिखाई दिए थे।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि केवल संख्यात्मक पहचान के आधार पर यह जांचना कठिन हो सकता है कि किसी उम्मीदवार के उत्तर का मिलान सही प्रश्न और विकल्प से किया गया था या नहीं।
उम्मीदवारों को असली प्रश्न और उत्तर क्यों चाहिए?
नीट-पीजी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा में उम्मीदवारों की रैंक के आधार पर चिकित्सा के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है। इसलिए मूल्यांकन में संभावित त्रुटियों की जांच करना उनके लिए महत्वपूर्ण है।
याचिका में यह भी बताया गया है कि परीक्षा में अलग-अलग उम्मीदवारों के लिए प्रश्नों और विकल्पों का क्रम बदल सकता है। ऐसी स्थिति में केवल प्रश्न संख्या या उत्तर की पहचान संख्या देखकर मूल्यांकन की स्वतंत्र पुष्टि करना कठिन हो सकता है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि उम्मीदवारों को उनके वास्तविक प्रश्नपत्र, सभी उत्तर विकल्पों का मूल क्रम, दर्ज उत्तर, आधिकारिक सही उत्तर और प्रत्येक प्रश्न के लिए दिए गए अंक उपलब्ध कराए जाएं। याचिका में इन रिकॉर्ड की ऐसी प्रतियां देने की मांग भी की गई है, जिन्हें उम्मीदवार अपने पास सुरक्षित रख सकें और बाद में जांच सकें।
याचिका में और क्या मांग की गई है?
डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट से नीट-पीजी के मूल्यांकन से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए समयबद्ध व्यवस्था बनाने का निर्देश देने की मांग की है।
इसमें उम्मीदवारों को संभावित त्रुटियों पर आपत्ति दर्ज करने के लिए उचित समय देने, विशेषज्ञ समिति के माध्यम से आपत्तियों की जांच कराने और गलती प्रमाणित होने पर अंकों तथा रैंक में आवश्यक सुधार करने जैसे अनुरोध शामिल हैं।
याचिका में भविष्य की स्नातकोत्तर चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी स्पष्ट और पारदर्शी नियम बनाने की मांग की गई है। हालांकि, ये सभी याचिकाकर्ताओं की मांगें हैं। इन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकार किया गया निर्णय नहीं माना जाना चाहिए।
NEET-PG 2026 परीक्षा और परिणाम की स्थिति
नीट-पीजी 2026 की मुख्य परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित हुई थी। जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी व्यवधान से प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर को पूरक परीक्षा भी आयोजित की गई। इसके बाद 24 सितंबर 2026 को परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया।
परीक्षा के परिणाम के आधार पर देश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में एमडी, एमएस और अन्य संबंधित स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इसलिए याचिका में यह चिंता भी जताई गई है कि यदि उम्मीदवारों को मूल्यांकन की जांच करने और त्रुटियों में सुधार मांगने का प्रभावी अवसर नहीं मिला, तो काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद सुधार करना कठिन हो सकता है।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब आगे की न्यायिक कार्यवाही में यह स्पष्ट होगा कि उम्मीदवारों को वास्तविक प्रश्नपत्र और उत्तर विकल्प उपलब्ध कराने तथा मूल्यांकन संबंधी आपत्तियों के समाधान के लिए किस तरह की व्यवस्था लागू की जा सकती है। तब तक नीट-पीजी 2026 के उम्मीदवारों को परिणाम, काउंसलिंग और आधिकारिक निर्देशों से जुड़ी सूचनाओं के लिए NBEMS तथा मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए।

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