कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से दिल्ली में हलचल, 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद; सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

CJP Protest: दिल्ली के 3 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, सुरक्षा में 5 हजार जवान तैनात - cockroach janta party sansad march delhi security tightened metro stations closed ntc drmt - AajTak

दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का फैसला किया है। यह प्रतिबंध अगले आदेश तक लागू रहेगा। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक परिवहन पर व्यापक पाबंदियों को लेकर चिंता जताई और कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह नहीं रोकी जा सकती।

यह आंदोलन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर उठ रहे सवालों से जुड़ा है।

दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों पर क्या पाबंदी लगी?

DMRC के अनुसार, 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 57 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए जा रहे हैं। ये प्रतिबंध 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर लगाए गए हैं।

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प्रभावित स्टेशनों में राजीव चौक, नई दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, कश्मीरी गेट, मंडी हाउस, आईटीओ, सुप्रीम कोर्ट, खान मार्केट और विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी प्रभावित स्टेशनों से मेट्रो की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अधिकांश प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रह सकती है। नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर यह सुविधा भी बंद रखने की घोषणा की गई है। यात्रियों को यात्रा से पहले DMRC की ताजा सूचना देखनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द करने के फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि सुरक्षा इंतजामों के कारण छात्रों, कर्मचारियों, बुजुर्गों और रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अदालत ने स्पष्ट किया कि मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जानी चाहिए और सेवाएं नियंत्रित तरीके से जारी रहनी चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आम नागरिकों की परेशानी पर विचार करने और हालात के अनुसार निर्णय लेने का भरोसा दिया।

हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन के लिए जरूरी अनुमति और निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार किया था।

आखिर क्यों हो रहा है कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन?

कॉकरोच जनता पार्टी एक युवा-नेतृत्व वाला राजनीतिक आंदोलन है, जिसकी शुरुआत ऑनलाइन अभियान के रूप में हुई थी। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके हैं। संगठन और उससे जुड़े समूह अब मतदाता सूची में बदलाव तथा चुनावी प्रक्रिया की जवाबदेही को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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10 अक्टूबर के प्रदर्शन का प्रमुख उद्देश्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है। CJP और दूसरे प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर सवाल उठा रहे हैं।

आलोचकों का आरोप है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया का बचाव करता रहा है। इसलिए नाम हटाए जाने के आंकड़ों और उनके कारणों को लेकर जारी दावों को आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित पक्षों के बयानों के साथ देखना जरूरी है।

दिल्ली पुलिस ने क्यों बढ़ाई सख्ती?

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार करते हुए कम समय पहले आवेदन दिए जाने, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला दिया है।

पुलिस ने राजधानी में बैरिकेडिंग, सुरक्षा जांच और अतिरिक्त बल की तैनाती की तैयारी की है। नई दिल्ली तथा हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को भी 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच रद्द करने की सूचना दी गई है।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करना बताया गया है। हालांकि, इनका असर प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ आम यात्रियों और शहर के दैनिक कामकाज पर भी पड़ सकता है।

आम यात्रियों को क्या करना चाहिए?

10 अक्टूबर को दिल्ली में यात्रा करने वालों को मेट्रो और रेल सेवाओं की स्थिति पहले जांच लेनी चाहिए। खासकर राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, नई दिल्ली और कश्मीरी गेट जैसे व्यस्त स्टेशनों से यात्रा करने वालों को वैकल्पिक मार्ग और अतिरिक्त समय का ध्यान रखना चाहिए।

मेट्रो के प्रवेश-निकास द्वार बंद होने और ट्रेनों के रद्द होने से सड़क मार्गों पर भी दबाव बढ़ सकता है। यात्रियों को पुलिस की सलाह, DMRC के आधिकारिक अपडेट और रेलवे की ताजा सूचना के आधार पर यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

निष्कर्ष

कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन अब केवल मतदाता सूची के विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। इसके साथ सार्वजनिक परिवहन, विरोध प्रदर्शन के अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के तरीकों पर भी बहस तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा और नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया है। अब 10 अक्टूबर को होने वाले घटनाक्रम और प्रशासन की ओर से जारी होने वाले नए निर्देशों पर सबकी नजर रहेगी।

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द्वारा Kanchan

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