अब एक ही नियम से नहीं बदलेगा आधार में नाम: UIDAI ने लागू किए नए SOP; जानिए स्पेलिंग सुधार, शादी के बाद सरनेम और नाम बदलने की नई प्रक्रिया
18 सितंबर 2026 से प्रभावी नए दिशा-निर्देशों के तहत अलग-अलग सुधारों के लिए तय हुए अलग फॉर्म; पूरे नाम परिवर्तन के लिए गजट नोटिफिकेशन हुआ अनिवार्य।
देश के 130 करोड़ से अधिक नागरिकों के प्राथमिक पहचान दस्तावेज ‘आधार कार्ड’ (Aadhaar Card) में नाम, उपनाम या स्पेलिंग की गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बना दिया है। 5 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक किए गए नए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत, यूआईडीएआई ने 2021 के पुराने नियमों को बदलते हुए नाम सुधार के लिए ‘वन-साइज़-फिट्स-ऑल’ (One-size-fits-all) व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब आवेदन किस श्रेणी का है—मामूली स्पेलिंग सुधार, शादी के बाद सरनेम बदलना या पूरा नाम बदलना—इसके आधार पर अलग-अलग एनेक्चर (Annexure) शपथ पत्र और दस्तावेज जमा करने होंगे।
18 सितंबर 2026 को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित नया एसओपी आधार (नामांकन और अद्यतन) विनियम, 2016 के नियम 19 के तहत लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान बदलने के प्रयासों पर अंकुश लगाना और नागरिकों को सुगम सेवा प्रदान करना है। यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि नाम और डेमोग्राफिक अद्यतन (Demographic Update) की सेवा केवल आधार सेवा केंद्रों (Aadhaar Seva Kendra) पर उपलब्ध होगी, जिसके लिए ₹75 का निर्धारित शुल्क देय होगा, जबकि ऑनलाइन ‘myAadhaar’ पोर्टल पर फिलहाल केवल पता बदलने की सुविधा जारी रहेगी।
1. नाम सुधार की 4 नई श्रेणियां और आवश्यक दस्तावेज (Categories & Documentation)
यूआईडीएआई द्वारा नए एसओपी के तहत वर्गीकृत की गई 4 प्रमुख श्रेणियां:
- 1. मामूली सुधार (Minor Edits): नाम के शुरुआती अक्षरों (Initials) को पूरा लिखना, नाम का क्रम बदलना, डॉट (Dot) हटाना या उच्चारण में समान स्पेलिंग ठीक करना (जैसे ‘Ram’ को ‘Rama’ या ‘Somya’ को ‘Saumya’) मामूली बदलाव माना जाएगा। इसके लिए केवल वैध पहचान प्रमाण (Proof of Identity – PoI) की आवश्यकता होगी।
- 2. डेटा एंट्री गलतियां (Data-Entry Errors): यदि नामांकन केंद्र की गलती से आधार में नाम गलत दर्ज हुआ है जबकि पुराने पहचान पत्र में नाम सही था, तो वयस्कों के लिए एनेक्चर-B और नाबालिगों के लिए एनेक्चर-C शपथ पत्र जमा करना होगा।
- 3. विवाह या तलाक के बाद सरनेम परिवर्तन: महिलाओं द्वारा शादी या तलाक के बाद उपनाम बदलने के लिए एनेक्चर-D शपथ पत्र के साथ नया पहचान प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
- 4. संपूर्ण नाम परिवर्तन (Major Name Change): यदि कोई व्यक्ति अपना पूरा नाम या पहचान बदलता है, तो केवल शपथ पत्र स्वीकार नहीं होगा। इसके लिए केंद्र या राज्य सरकार का राजपत्र नोटिफिकेशन (Gazette Notification) जमा करना अनिवार्य होगा।
2. आधार नाम सुधार नियम 2026: त्वरित गाइड
विभिन्न सुधारों के लिए आवश्यक दस्तावेज व शपथ पत्र का विवरण:
| सुधार का प्रकार (Type of Correction) | आवश्यक दस्तावेज (Required Documents) | आवश्यक शपथ पत्र (Affidavit / Annexure) | निर्धारित शुल्क (Fee) |
|---|---|---|---|
| मामूली स्पेलिंग / डॉट सुधार | मान्यता प्राप्त पहचान पत्र (PoI) | किसी शपथ पत्र की आवश्यकता नहीं | ₹75 |
| ऑपरेटर डेटा एंट्री गलती | मूल वैध पहचान पत्र | Annexure B (वयस्क) / Annexure C (नाबालिग) | ₹75 |
| विवाह के बाद सरनेम बदलाव | नया पहचान पत्र (PoI) | Annexure D शपथ पत्र | ₹75 |
| उपनाम या ‘उरफ़’ (Alias) हटाना | मूल पहचान पत्र | Annexure E (वयस्क) / Annexure F (नाबालिग) | ₹75 |
| पूरा नाम बदलना (Major Change) | सरकारी गजट नोटिफिकेशन (Gazette) | निर्धारित सरकारी घोषणा पत्र | ₹75 |
3. आधार केंद्र पर सुधार कराने की चरणबद्ध प्रक्रिया
नागरिकों के लिए आधार सेवा केंद्र पर अपनाए जाने वाले कदम:
- अपॉइंटमेंट बुकिंग: यूआईडीएआई के आधिकारिक पोर्टल से निकटतम आधार सेवा केंद्र के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक करें या सीधे केंद्र पर जाएं।
- फॉर्म भरना: संशोधन फॉर्म (Update Form) में ब्लॉक अक्षरों में नया और सही नाम लिखें। किसी भी सम्मानसूचक शब्द या उपनाम (Titles/Aliases) का उपयोग न करें।
- बायोमेट्रिक व दस्तावेज सत्यापन: मूल दस्तावेजों के साथ केंद्र पर उपस्थित हों, जहां ऑपरेटर आपके दस्तावेजों की जांच करेगा और बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट/आइरिस) पूरा करेगा।
- रसीद व ट्रैकिंग: ₹75 का भुगतान कर रसीद प्राप्त करें, जिस पर दर्ज 14-अंकों के अपडेट अनुरोध संख्या (URN) के जरिए ऑनलाइन स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
निष्कर्ष
यूआईडीएआई द्वारा जारी 2026 के नए नाम सुधार नियम भारत के डिजिटल पहचान ढांचे को अधिक सुरक्षित और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। स्पष्ट श्रेणियों और निर्धारित एनेक्चर फॉर्मों के लागू होने से नागरिकों को नाम सुधार में होने वाली अनावश्यक देरी और भ्रम से मुक्ति मिलेगी, वहीं पहचान चोरी जैसी धोखाधड़ी पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।

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