महाकौशल को बड़ा इंफ्रा बूस्ट: ₹3,540 करोड़ की जबलपुर आउटर रिंग रोड से सुगम होगी मध्य भारत की राह, जानें प्रोजेक्ट की हर बड़ी बात
114 किलोमीटर लंबे 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से खत्म होगी जबलपुर शहर की जाम समस्या; नर्मदा नदी पर बन रहा 750 मीटर लंबा भव्य एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज।
मध्य प्रदेश के महाकौशल क्षेत्र की आर्थिक और भौगोलिक जीवनरेखा कहे जाने वाले जबलपुर शहर को ट्रैफिक जाम से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए ₹3,540 करोड़ की लागत से 114 किलोमीटर लंबी ‘जबलपुर आउटर रिंग रोड’ (Jabalpur Outer Ring Road) का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा विकसित किया जा रहा यह 4-लेन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट मध्य भारत के राज्यों—मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच भारी वाहनों की आवाजाही को बेहद आसान और तेज बना देगा।
जबलपुर शहर में बढ़ते शहरीकरण और मालवाहक ट्रकों के दबाव के कारण लंबे समय से भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई थी। उत्तर प्रदेश या महाराष्ट्र की ओर जाने वाले ट्रकों को शहर के बीच से गुजरना पड़ता था, जिससे 3 से 4 घंटे का अतिरिक्त समय लगता था। इस आउटर रिंग रोड के पूरी तरह शुरू होने के बाद अंतर्राज्यीय ट्रैफिक सीधे शहर के बाहर से निकल जाएगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की भारी बचत होगी।
1. 5 पैकेजों में बंटा प्रोजेक्ट और नर्मदा नदी पर ऐतिहासिक पुल
114 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को कुशल क्रियान्वयन के लिए 5 मुख्य निर्माण पैकेजों में विभाजित किया गया है:
- बरेला से मनेगांव (16 किमी) – कुछ हिस्से यातायात के लिए खुल चुके हैं।
- मनेगांव से NH-45 (20 किमी)
- NH-45 से कुश्नर (36 किमी)
- कुश्नर से अमझर (24 किमी)
- अमझर से बरेला (17 किमी)
इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना: इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण पैकेज-2 के तहत नर्मदा नदी पर बनाया जा रहा 750 मीटर लंबा ‘एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज’ (Extradosed Bridge) है, जो मध्य प्रदेश की स्थापत्य कला और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक अनूठा प्रतीक बनेगा।
2. किसानों, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त लाभ
- किसानों और व्यापारियों को राहत: बरेला, शाहपुरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों के किसानों को अपनी फसल और सब्जियां मंडियों तक पहुंचाने में लगने वाला समय घटकर आधा रह जाएगा।
- पर्यटन को बढ़ावा: यह रिंग रोड जबलपुर एयरपोर्ट को जोड़ने के साथ-साथ प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों—भेड़ाघाट, धुआंधार जलप्रपात, ग्वारीघाट, कान्हा नेशनल पार्क और अमरकंटक तक पहुंच को बेहद सुगम बनाएगी।
- आर्थिक विकास: महाकौशल क्षेत्र में नए लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग हब और औद्योगिक गलियारों का तेजी से विस्तार होगा।
निष्कर्ष
जबलपुर आउटर रिंग रोड केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि मध्य भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया कॉरिडोर है। इसके पूर्ण होने से जबलपुर में प्रदूषण और हादसों में कमी आएगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

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