अन्नपूर्णा वेयरहाउस गेहूं घोटाला: 10 हजार का इनामी आरोपी अमन पाण्डेय गिरफ्तार, कागजों में की थी करोड़ों की फर्जी खरीदी

जबलपुर जिले के मझौली क्षेत्र में सामने आए 1.35 करोड़ रुपये के बहुचर्चित गेहूं घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी अमन पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो घोटाले में शुरू से ही शामिल पाया गया था और कागजों में करोड़ों रुपये की फर्जी गेहूं खरीदी दिखाकर सरकारी राशि का गबन करने में लिप्त रहा।

जबलपुर में 1.37 करोड़ का गेहूं घोटाला: 5167 क्विंटल अनाज गायब; केंद्र प्रभारी समेत 10 लोगों पर एफआईआर दर्ज

क्या था पूरा मामला

यह पूरा घोटाला जबलपुर जिले के मझौली ब्लॉक अंतर्गत पिपरिया टगर स्थित मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस में सामने आया था। जिला कलेक्टर एवं जिला उपार्जन समिति अध्यक्ष जबलपुर के आदेश पर भूमि ग्राम संगठन हटौली को इस वेयरहाउस में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन (खरीदी) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उपार्जन में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा ने एक संयुक्त जांच दल गठित किया, जिसमें जिला परियोजना प्रबंधक अंजुला झा, जिला आपूर्ति अधिकारी सीमा बौरसिया और मझौली तहसीलदार दिलीप हनवत शामिल थे। जब इस टीम ने वेयरहाउस पर पहुंचकर रिकॉर्ड, स्टॉक और भौतिक सत्यापन किया, तो बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और हेराफेरी का खुलासा हुआ।

कैसे हुई गड़बड़ी

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कागजों और रिकॉर्ड में हेराफेरी कर ऐसे किसानों के नाम पर गेहूं खरीदी दर्शाई, जो वास्तव में खरीदी केंद्र पर पहुंचे ही नहीं थे। फर्जी बारदानों (बोरों) के सहारे इस पूरे खेल को अंजाम दिया गया। जांच में कुल 5,168.70 क्विंटल सरकारी गेहूं गायब पाया गया, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 35 लाख 67 हजार 837.50 रुपये आंकी गई। यानी कागजों में तो करोड़ों रुपये की गेहूं खरीदी दिखा दी गई, लेकिन असल में इतना गेहूं वेयरहाउस में मौजूद ही नहीं था।

The team arrived to investigate the wheat scam worth 93 lakhs

कौन-कौन बने आरोपी

जांच दल की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भूमि ग्राम संगठन हटौली की अध्यक्ष रीना लोधी समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इन आरोपियों में मयूरी लोधी, शुभम बर्मन, अमन पाण्डेय, आकाश पाण्डेय, अनिल पटेल, आनंद भारसाकले और प्रमोद कुमार मिश्रा जैसे नाम शामिल हैं। इनमें केंद्र प्रभारी, सर्वेयर और नोडल अधिकारी स्तर के लोग भी शामिल बताए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह घोटाला सिर्फ एक-दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित तरीके से अंजाम दिया गया प्रतीत होता है।

अमन पाण्डेय पर था 10 हजार का इनाम

एफआईआरअन्नपूर्णा वेयरहाउस गेहूं घोटाला: 10 हजार का इनामी अमन पाण्डेय गिरफ्तार दर्ज होने के बाद से ही अमन पाण्डेय पुलिस की पकड़ से दूर था, जिसके चलते पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लगातार चल रही तलाश के बाद आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पूछताछ में सामने आया कि वह इस पूरी गड़बड़ी में शुरू से ही सक्रिय रूप से शामिल था, और कागजों में करोड़ों रुपये की फर्जी खरीदी दिखाने की साजिश का हिस्सा रहा।

Jabalpur Wheat Scam: Fraudster Aman Pandey Arrested for Warehouse Theft

बाद में सामने आया और बड़ा घोटाला

गौरतलब है कि इस मामले के उजागर होने के कुछ समय बाद जबलपुर जिले में एक और बड़ा खुलासा हुआ था, जब अन्नपूर्णा और मां नर्मदा वेयरहाउस से करीब 1,000 टन गेहूं गायब पाया गया। जांच में सामने आया कि वास्तविक स्टॉक में कमी को छिपाने के लिए एक वेयरहाउस के रिकॉर्ड से दूसरे वेयरहाउस में गेहूं की कागजी अदला-बदली दिखाई गई थी। इस खुलासे के बाद भोपाल स्तर पर भी हलचल तेज हो गई थी, और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की तरफ से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम जबलपुर भेजी गई थी।

जबलपुर में 1.37 करोड़ का अनाज घोटाला बेनकाब, पोर्टल पर फर्जी एंट्री, 5167 क्विंटल गेहूं गायब मिला

आगे की कार्रवाई

अमन पाण्डेय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे विस्तृत पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे घोटाले में शामिल अन्य लोगों और उनकी भूमिका के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार बाकी आरोपियों की तलाश भी जारी है, और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। यह मामला मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर होने वाली सरकारी खरीदी व्यवस्था में मौजूद खामियों को भी उजागर करता है, जिसके चलते प्रशासन अब निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त बनाने पर विचार कर रहा है।

अन्य ख़बरें !

द्वारा Kanchan

One thought on “अन्नपूर्णा वेयरहाउस गेहूं घोटाला: 10 हजार का इनामी अमन पाण्डेय गिरफ्तार”

Comments are closed.

You missed