‘परफॉर्मेंस की राजनीति’ से पंजाब का विकास: सीएम भगवंत मान का बड़ा एक्शन; धान खरीद के लिए केंद्र को चिट्ठी, 10 हजार पुलिस भर्तियां और महिलाओं को वित्तीय राहत
‘मावां-धियां सत्कार योजना’ से 35.5 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचे पैसे; नशा मुक्ति के लिए सीमावर्ती जिलों में शुरू होगा आध्यात्मिक-मानसिक पुनर्वास प्रोजेक्ट।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Singh Mann) ने राज्य की जनता के कल्याण, कृषि अर्थव्यवस्था की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों का ऐलान किया है। खरीफ विपणन सत्र (KMS 2026-27) के तहत 1 अक्टूबर से शुरू हुई धान की खरीद को सुचारू बनाने के लिए सीएम मान ने केंद्र सरकार से राज्य के गोदामों में पड़े 280 लाख टन पुराने अनाज को तुरंत स्थानांतरित करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ की तीन महीने की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है।
पंजाब की मंडियों और राइस मिलों में भंडारण स्थान (Storage Space) की भारी कमी बनी हुई है। यदि केंद्र सरकार तुरंत 6 लाख मीट्रिक टन (LMT) चावल और 15 एलएमटी गेहूं का उठाव नहीं करती है, तो किसानों को मंडियों में अपनी फसल उतारने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस संकट से निपटने के साथ-साथ सीएम मान ने राज्य से नशीले पदार्थों के पूरी तरह सफाए के लिए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब पुलिस में 10,000 नए पदों पर भर्ती करने और सीमावर्ती जिलों में मानसिक व आध्यात्मिक पुनर्वास मॉडल लागू करने की घोषणा की है।
1. धान खरीद संकट: केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को सीएम मान की चिट्ठी
पंजाब के किसानों और राइस मिलरों के हितों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए कदम:
- 21 लाख मीट्रिक टन अनाज उठाने की मांग: सीएम मान ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर 10 अक्टूबर तक 6 एलएमटी चावल और अक्टूबर महीने के भीतर 15 एलएमटी गेहूं उठाने का निर्देश जारी करने की मांग की है।
- राइस मिलों में जगह की किल्लत: राज्य की राइस मिलों और मंडी प्रांगणों में लगभग 40 एलएमटी गेहूं का स्टॉक पड़ा हुआ है, जिससे नया धान रखने के लिए जगह नहीं बच पा रही है।
- कानून-व्यवस्था का संकट टालने की अपील: सीएम मान ने आगाह किया कि यदि गोदाम खाली नहीं किए गए, तो फसल की आवक के चरम समय पर किसानों और मिलरों के बीच असंतोष बढ़ सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की आशंका है।
2. भगवंत मान सरकार की प्रमुख योजनाओं व फैसलों का रिपोर्ट कार्ड (Policy Highlights)
अक्टूबर 2026 में पंजाब सरकार द्वारा घोषित प्रमुख योजनाएं:
| योजना / निर्णय (Scheme / Decision) | लाभार्थी / दायरा (Beneficiaries / Scope) | मुख्य विशेषता एवं वित्तीय आवंटन (Key Feature) |
|---|---|---|
| मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना | राज्य की 35.5 लाख महिलाएं | सामान्य वर्ग: ₹1,000/माह | एससी वर्ग: ₹1,500/माह (सीधा डीबीटी) |
| पंजाब पुलिस नई भर्ती 2026 | 10,000 युवा अभ्यर्थी | नशा तस्करी रोकने व पुलिसिंग सुधारने के लिए 10,000 पद |
| नशा मुक्ति एवं आध्यात्मिक पुनर्वास | अमृतसर, तरनतारन, फाजिल्का आदि | ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के सहयोग से कैदियों व मरीजों का मानसिक स्वास्थ्य सुधार |
| ‘लोक मिलनी’ जन-संवाद कार्यक्रम | गनीये के बांगर (फतेहगढ़ चूड़ियां) | जनता की समस्याओं का मौके पर निवारण और सीधी बातचीत |
3. महिला सशक्तिकरण और ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ का प्रभाव
गोइंदवाल साहिब में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम मान ने कहा:
- “जनता का पैसा, जनता के नाम”: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का खजाना आम जनता का है और सरकार इसे जन-कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सीधे परिवारों तक पहुंचा रही है।
- 35.5 लाख महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा: इस योजना के तहत राज्य की 35.5 लाख महिलाओं के बैंक खातों में जुलाई से दिसंबर तक का वित्तीय लाभ सीधे भेजा जा चुका है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबन में बढ़ोतरी हुई है।
- 2027 के लिए ‘काम की राजनीति’: सीएम मान ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में अब परिवारवादी राजनीति के बजाय ‘काम की राजनीति’ (Politics of Performance) पर जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार कृषि संकटों के समाधान, महिला कल्याण और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के मोर्चे पर आक्रामक रुख अपना रही है। जहां एक ओर धान खरीद के सुचारू संचालन के लिए केंद्र के साथ समन्वय बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नशा मुक्ति और 10,000 नई पुलिस भर्तियों के जरिए पंजाब को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।

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