पुलिस मुख्यालय सूचना: लंबे समय से ड्यूटी से गायब 11 पुलिसकर्मियों को अल्टीमेटम, 7 दिन में हाजिर नहीं हुए तो जाएगी नौकरी
नेपाल पुलिस मुख्यालय ने लंबे समय से बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। मुख्यालय ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर सभी संबंधित कर्मचारियों को सात दिनों के भीतर अपने कार्यालय में उपस्थित होने और गैरहाजिर रहने का संतोषजनक कारण बताने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में उपस्थित नहीं होने और संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देने पर उन्हें सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यह नोटिस 27 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया था।
11 पुलिसकर्मियों को सात दिन का अंतिम मौका
नेपाल की राजधानी काठमांडू के नक्साल स्थित पुलिस मुख्यालय के अंतर्गत पुलिस महानिरीक्षक के सचिवालय की कानून एवं मानवाधिकार महाशाखा ने यह सार्वजनिक सूचना जारी की है। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित पुलिसकर्मी लंबे समय से बिना स्वीकृत अवकाश के अपने कार्यालयों से अनुपस्थित हैं।
मुख्यालय ने बताया कि इन कर्मचारियों का पता लगाने और उनसे संपर्क करने के प्रयास किए गए थे। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नोटिस भी चस्पा किए गए, लेकिन इसके बावजूद वे संबंधित कार्यालयों के संपर्क में नहीं आए। अब सामूहिक सार्वजनिक सूचना के माध्यम से उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अंतिम अवसर दिया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि संबंधित पुलिसकर्मियों को रास्ते में लगने वाले समय को छोड़कर सात दिनों के भीतर अपने कार्यालय या नोटिस जारी करने वाले कार्यालय में उपस्थित होना होगा। उन्हें अपनी अनुपस्थिति का संतोषजनक और उचित कारण भी बताना होगा।
किन 11 पुलिसकर्मियों को जारी किया गया नोटिस?
नेपाल पुलिस मुख्यालय की सार्वजनिक सूचना में शामिल कर्मचारियों के नाम और उनकी तैनाती का विवरण इस प्रकार है:
- दिलीप कुमार सिंह: जिला सशस्त्र पुलिस गुल्म, बारा में पुलिस हवलदार।
- अनिल परियार: दरबार स्क्वायर पुलिस चौकी, भक्तपुर में पुलिस जवान।
- संगम बीसी: सानेपा पुलिस चौकी, ललितपुर में पुलिस जवान।
- संजीव राई: दिलपा क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय, भोजपुर में पुलिस जवान।
- समीर लिम्बू: चिलिंगदिन पुलिस चौकी, पांचथर में तैनात।
- संतोष तामांग: नवलपुर क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय, सिंधुपालचोक में तैनात।
- बिनोद दमाई: जिला यातायात पुलिस कार्यालय, कास्की में तैनात।
- टोप बहादुर सुनार: रगदा क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय, जाजरकोट में तैनात।
- यशोदा कुमारी बोगटी: स्याउले पुलिस चौकी, डडेलधुरा में तैनात।
- करण बहादुर बिष्ट: मेलबिसौना पुलिस चौकी, बझांग में तैनात।
- अमर सिंह साउद: जिला पुलिस कार्यालय, कैलाली में तैनात।
हाजिर नहीं हुए तो क्या होगी कार्रवाई?
नेपाल पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के भीतर उपस्थित नहीं होने या अनुपस्थिति का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सेवा से हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
यह कार्रवाई नेपाल पुलिस नियमावली, 2071 के संबंधित प्रावधानों के तहत की जा सकती है। नोटिस में नियम 113 के उपनियम (1) के खंड (च) के तहत कदाचार और नियम 109 के उपखंड (ख) (1) के अनुसार कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, सार्वजनिक नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी 11 कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है। उन्हें पहले निर्धारित समय के भीतर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब और संबंधित नियमों के अनुसार होगी।
पहले भी अनुपस्थित पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी कर चुका है नेपाल पुलिस मुख्यालय
नेपाल पुलिस मुख्यालय ने सितंबर 2026 में भी लंबे समय से अनुपस्थित नौ पुलिसकर्मियों को सात दिनों के भीतर कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। उस समय भी कर्मचारियों को अनुपस्थिति का कारण बताने और संतोषजनक स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया था।
लगातार ऐसे नोटिस जारी होना पुलिस विभाग में अनुशासन और लंबे समय से संपर्क से बाहर चल रहे कर्मचारियों के मामलों को निपटाने की प्रशासनिक प्रक्रिया को दर्शाता है।
निष्कर्ष: नेपाल पुलिस मुख्यालय ने 11 अनुपस्थित पुलिसकर्मियों को सात दिनों के भीतर उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित अवधि में हाजिर नहीं होने और संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। फिलहाल यह नोटिस अंतिम अवसर है, तत्काल बर्खास्तगी का आदेश नहीं।


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