पंजाब के 6 फीट 5 इंच लंबे तेज गेंदबाज गुरनूर ब्रार की भारतीय टीम तक पहुंचने की अनकही दास्तान। जानें उनके करियर, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय डेब्यू से जुड़ी हर खबर।

6 फीट 5 इंच का ‘जेंटल जायंट’: 17 की उम्र में शुरू किया क्रिकेट और 2026 में भारतीय टीम में एंट्री, जानें पंजाब के तेज गेंदबाज गुरनूर ब्रार की कहानी

पंजाब पुलिस के सिपाही के बेटे गुरनूर ब्रार ने अपनी धारदार रफ्तार और अतिरिक्त उछाल से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा; शुभमन गिल की पारखी नजर और आशीष नेहरा के मार्गदर्शन से बने टीम इंडिया के स्टार।

भारतीय क्रिकेट में अक्सर कहानियां बचपन से ही बल्ला और गेंद थामने वाले खिलाड़ियों की होती हैं, लेकिन पंजाब के मलोट (मुक्तसर साहिब) से निकले 6 फीट 5 इंच लंबे दाएं हाथ के तेज गेंदबाज गुरनूर सिंह ब्रार (Gurnoor Brar) की कहानी हर युवा के लिए एक बड़ी मिसाल है। 17 वर्ष की उम्र में 11वीं कक्षा के दौरान पहली बार पेशेवर रूप से क्रिकेट की गेंद थामने वाले गुरनूर ने अपनी घातक रफ्तार, तीखी बाउंसर और सीम मूवमेंट के दम पर बेहद कम समय में घरेलू क्रिकेट से लेकर भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम (Team India) तक का शानदार सफर तय कर लिया है। वर्ष 2026 में भारत के अंतरराष्ट्रीय वनडे और टेस्ट दल में शामिल होकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

25 मई 2000 को जन्मे गुरनूर ब्रार पंजाब पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) सुखबीर सिंह ब्रार के बेटे हैं। गुरनूर को बुरी संगति से दूर रखने और खेल के प्रति उनके रुझान को देखते हुए उनके पिता ने 17 की उम्र में उन्हें चंडीगढ़ की चार्म्स एकेडमी में दाखिला दिलाया था। कोच रवि के मार्गदर्शन में अभ्यास शुरू करने के बाद गुरनूर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। रणजी ट्रॉफी में पंजाब के लिए बिहार के खिलाफ 14 रन देकर 5 विकेट लेने वाले इस लंबे गेंदबाज की क्षमता को शुभमन गिल और शिखर धवन ने पहचाना, जिसके बाद आईपीएल में गुजरात टाइटंस के कोच आशीष नेहरा ने उनकी गेंदबाजी को तराशा। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी उन्हें भविष्य का सबसे होनहार तेज गेंदबाज करार दिया है।

1. देर से शुरुआत, लेकिन रफ्तार से दुनिया को किया हैरान

गुरनूर ब्रार की क्रिकेट यात्रा किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है:

  • 11वीं कक्षा में पहली बार लिया लेदर बॉल: गुरनूर ने 17 साल की उम्र से पहले कभी व्यवस्थित रूप से क्रिकेट ट्रेनिंग नहीं ली थी। उनके पिता (जो खुद राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी रहे हैं) ने उन्हें अनुशासन सिखाने के लिए एकेडमी भेजा।
  • रणजी ट्रॉफी में बल्ले और गेंद से धमाल: पंजाब के लिए प्रथम श्रेणी पदार्पण (First-Class Debut) करने के बाद उन्होंने न केवल घातक गेंदबाजी की, बल्कि जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 8वें नंबर पर उतरकर 64 रनों की मैच जिताऊ पारी भी खेली थी।
  • कद का फायदा और सीम मूवमेंट: 196 सेमी (6 फीट 5 इंच) की लंबाई के कारण गुरनूर को किसी भी पिच से अतिरिक्त उछाल (Extra Bounce) मिलता है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्लेबाजों के लिए मुसीबत बनता है।

2. आईपीएल से टीम इंडिया का सफर: पंजाब किंग्स से गुजरात टाइटंस तक

गुरनूर के करियर में आईपीएल ने एक बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित किया:

  • मुंबई इंडियंस के नेट बॉलर से आईपीएल डेब्यू: 2019 में मुंबई इंडियंस के नेट गेंदबाज रहने के बाद, 2023 में पंजाब किंग्स ने उन्हें राज बावा के विकल्प के रूप में टीम में शामिल किया।
  • गुजरात टाइटंस और आशीष नेहरा का मार्गदर्शन: 2025 में गुजरात टाइटंस में शामिल होने के बाद भारत के पूर्व तेज गेंदबाज और कोच आशीष नेहरा ने उनकी लेंथ और वैरिएशन पर काम किया।
  • शुभमन गिल और चयनकर्ताओं का भरोसा: गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और बीसीसीआई चयनकर्ताओं के सामने उनके नाम की वकालत की, जिसके बाद उन्हें अफगानिस्तान और इंग्लैंड श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में जगह मिली।

3. साधारण परिवार और बेटे की उपलब्धि पर भावुक पिता

गुरनूर ब्रार की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का सादगी भरा रवैया और समर्थन रहा है:

  1. जब पिता की आंखों में आए आंसू: भारतीय टीम में चयन की खबर मिलने पर गुरनूर के पिता सुखबीर सिंह ब्रार भावुक हो गए। उन्होंने बेहद शांत स्वभाव से अपनी मां को फोन पर बताया, “हां मम्मी, मेरा टीम इंडिया में सेलेक्शन हो गया है।”
  2. सख्त अनुशासन और समर्पण: चंडीगढ़ में अभ्यास से लेकर भारतीय टीम तक पहुंचने के सफर में गुरनूर ने कभी अपने काम से समझौता नहीं किया।
  3. भविष्य की उम्मीद: भारतीय चयनकर्ताओं का मानना है कि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के बाद गुरनूर ब्रार भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण के मुख्य स्तंभ बनेंगे।

निष्कर्ष 

गुरनूर ब्रार की यह सफलता यह साबित करती है कि अगर आपके पास प्रतिभा, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन हो तो उम्र का पड़ाव कभी आड़े नहीं आता। 17 साल की उम्र में क्रिकेट शुरू करके 26 साल की उम्र में देश की जर्सी पहनना उनके अटूट संकल्प की गाथा है। अपनी लंबाई, रफ्तार और अनुशासन के दम पर गुरनूर ब्रार आने वाले सालों में विश्व क्रिकेट में भारत का नाम और रोशन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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द्वारा Kanchan

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